E20 पेट्रोल पर कांग्रेस का सवाल: जयराम रमेश बोले- 'मैकेनिक और वाहन मालिक परेशान', सरकार से मांगा जवाब
देशभर में E20 पेट्रोल (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित ईंधन) को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस नीति पर केंद्र सरकार को घेरते हुए दावा किया है कि E20 के इस्तेमाल से वाहन मालिकों को माइलेज में कमी और इंजन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने सरकार से इस नीति पर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त तैयारी और विकल्प दिए E20 पेट्रोल को लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के संसद में दिए गए जवाब से लोगों की शंकाएं दूर नहीं हुईं। उनके अनुसार, वाहन चालक और मैकेनिक लगातार ईंधन से जुड़ी शिकायतें कर रहे हैं।
जयराम रमेश ने नीति आयोग की 2021 की रिपोर्ट और जुलाई 2026 की ARAI रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि E10 के अनुरूप बने पुराने वाहनों में E20 के इस्तेमाल से रबर के कुछ पुर्जों के जल्दी खराब होने और फ्यूल सिस्टम के कुछ धातु वाले हिस्सों में जंग का जोखिम बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ श्रेणी के वाहनों में माइलेज में कमी देखी गई है।
कांग्रेस का आरोप है कि E20 के कारण कई वाहन मालिकों ने माइलेज घटने, इंजन के प्रदर्शन में कमी, ठंड के मौसम में कोल्ड-स्टार्ट की समस्या और इंजन के पुर्जों के समय से पहले घिसने जैसी शिकायतें दर्ज कराई हैं।
हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि E20 ईंधन निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित है और E20-अनुकूल (E20-compatible) वाहनों के लिए उपयुक्त है। सरकार लगातार इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है, जबकि इस मुद्दे पर राजनीतिक और तकनीकी बहस जारी है।
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