अफगानिस्तान-पाकिस्तान-दुबई से चल रहा ड्रग सिंडिकेट, 76 करोड़ रुपये की आतंकी फंडिंग का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में बनीत सिंह तलवार को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई से जुड़े कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण में किया गया। ईडी ने दावा किया है कि हवाला के जरिए करीब 76 करोड़ रुपये अफगानिस्तान भेजे गए। आरोपी को दिल्ली की विशेष अदालत ने पूछताछ के लिए पांच दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है।
ईडी की यह जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से दर्ज मामले के आधार पर शुरू हुई थी। मामला नशीले पदार्थों की बड़ी खेप को अर्ध-प्रसंस्कृत टैल्क यानी टैल्कम पाउडर के रूप में दिखाए गए सामान के भीतर छिपाकर तस्करी करने और दिल्ली, पंजाब तथा हरियाणा में हुई बरामदगी से जुड़ा है। जांच की कड़ियां सितंबर 2021 में गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर अफगानिस्तान से आई करीब 2,988 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी तक जाती हैं।
एनआईए इस मामले में अब तक छह आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। जांच एजेंसी के अनुसार, कथित अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के तार अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई से जुड़े हैं। जांच में वितायश कोसर उर्फ राजू दुबई को कथित सरगना बताया गया है। मामले में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े लोगों और अफगान नागरिकों की कथित भूमिका की भी जांच की गई है। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
ईडी के अनुसार, अब तक करीब 89 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय की पहचान की गई है। इसमें नशीले पदार्थों की तस्करी, उनकी बिक्री से हासिल रकम, हवाला के जरिए धन का लेन-देन और अन्य वस्तुओं के रूप में मिले भुगतान शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि इस रकम में से लगभग 76 करोड़ रुपये हवाला चैनलों के माध्यम से अफगानिस्तान भेजे गए और उनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए किया गया।
जांच में बनीत सिंह तलवार की कथित भूमिका भी सामने आई है। ईडी का आरोप है कि उनके भाई हरप्रीत सिंह तलवार की एनआईए मामले में गिरफ्तारी के बाद भी बनीत उन कारोबारी इकाइयों का संचालन करता रहा, जिन पर हरप्रीत का नियंत्रण बताया गया है। एजेंसी के मुताबिक, बनीत ने कथित तौर पर मैजेंट इंडिया नामक कंपनी को 55 लाख रुपये से अधिक की रकम दी। जांचकर्ताओं ने विभिन्न कारोबारी इकाइयों के बीच धन के बार-बार स्थानांतरण, समान प्रविष्टियों और कई स्तरों पर लेन-देन के जरिए रकम घुमाने के संकेत मिलने की बात कही है।
ईडी ने यह भी आरोप लगाया है कि नकद जमा के जरिए बेनामी इकाइयों के नाम पर वाहन खरीदे गए और कथित अपराध से अर्जित रकम का इस्तेमाल अचल संपत्तियां हासिल करने में किया गया। एजेंसी के अनुसार, इन संपत्तियों का लाभ हरप्रीत सिंह तलवार और उनके परिवार को मिलता रहा। इन वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े आरोपों की जांच जारी है।
ईडी अब कथित ड्रग तस्करी नेटवर्क, हवाला कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की कड़ियों का पता लगाने में जुटी है। जांच एजेंसी का कहना है कि आगे की कार्रवाई से इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और अपराध से अर्जित रकम के अतिरिक्त स्रोतों की जानकारी मिल सकती है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप जांच का हिस्सा हैं और आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध होना अदालत में साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)