2001 के बाद इस साल फरवरी में सबसे कम बारिश, मार्च–मई में सामान्य से अधिक तापमान और हीटवेव की आशंका
नई दिल्ली (आरएनआई)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार इस वर्ष फरवरी माह में देशभर में वर्षा 2001 के बाद सबसे कम दर्ज की गई। विभाग ने बताया कि पूरे महीने के दौरान कहीं भी शीत लहर की स्थिति नहीं बनी और दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहा।
आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में वर्षा की कमी और अपेक्षाकृत अधिक तापमान ने मौसम के रुख में स्पष्ट बदलाव का संकेत दिया है। आमतौर पर उत्तर भारत के कई हिस्सों में फरवरी में शीत लहर देखने को मिलती है, लेकिन इस बार ऐसी परिस्थितियां नहीं बनीं।
मौसम विभाग ने आगामी मार्च से मई की अवधि के लिए भी पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। साथ ही, इस दौरान सामान्य से अधिक हीटवेव (लू) के दिन दर्ज किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे गर्मी का असर इस बार जल्दी शुरू हो सकता है और अधिक तीव्र हो सकता है।
आईएमडी ने लोगों को विशेष रूप से संवेदनशील समूहों—बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले श्रमिकों—को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। राज्य सरकारों और संबंधित एजेंसियों को भी हीट एक्शन प्लान को सक्रिय रखने की सिफारिश की गई है, ताकि संभावित गर्मी की लहर से होने वाले जोखिम को कम किया जा सके।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)