13 साल का इंतजार खत्म: 5,682 निवेशकों को मिलेंगे ₹1,950 करोड़, ईडी की जब्त संपत्तियों के मुद्रीकरण को मंजूरी
नई दिल्ली। नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) मामले में निवेशकों को राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है। मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जब्त की गई करीब 3,464 करोड़ रुपये की संपत्तियों के मुद्रीकरण की अनुमति दे दी है। इन संपत्तियों को बेचकर प्राप्त राशि से 5,682 पात्र निवेशकों के लिए 1,950 करोड़ रुपये के भुगतान का रास्ता तैयार किया जाएगा। ये निवेशक वर्ष 2013 में हुए भुगतान डिफॉल्ट के बाद से लंबे समय से अपनी रकम वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
इस मामले में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी), मुंबई ने 28 नवंबर 2025 को एक समझौता योजना को मंजूरी दी थी। इसके तहत 5,682 निर्धारित लेनदारों को एकमुश्त 1,950 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है। योजना के अनुसार, निवेशकों को उनके सत्यापित दावों का कम से कम 42 प्रतिशत वापस मिलने का प्रावधान है। इस योजना को 92 प्रतिशत से अधिक लेनदारों का समर्थन मिला था।
एनएसईएल मामले में वर्ष 2013 में भुगतान में चूक के बाद हजारों निवेशकों की रकम फंस गई थी। मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच शुरू हुई। बताया गया कि इस घटनाक्रम से करीब 13,000 निवेशक प्रभावित हुए और लगभग 5,600 करोड़ रुपये की देनदारी सामने आई।
प्रवर्तन निदेशालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई करते हुए अब तक लगभग 3,464 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं। इनमें से कुछ संपत्तियां महाराष्ट्र के जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा से जुड़े कानून के तहत भी कुर्क हैं। ऐसे में संपत्तियों के मुद्रीकरण की प्रक्रिया संबंधित प्राधिकरणों के साथ समन्वय करके पूरी की जाएगी।
अदालत के आदेश के अनुसार, निवेशकों के भुगतान के लिए निर्धारित 1,950 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विशेष अदालत की निगरानी में रहेगी और उसका निपटारा मामले की आगे की कानूनी कार्यवाही के परिणाम के आधार पर किया जाएगा। यह आदेश लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे निवेशकों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, वास्तविक भुगतान संपत्तियों के मुद्रीकरण और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जा सकेगा।
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