समाज में समरसता के लिए एकजुटता जरूरी: मोहन भागवत
वृंदावन के मलूकपीठ आश्रम में संत शिरोमणि मलूकदास महाराज की 452वीं जयंती महोत्सव का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने संत मलूकदास की समाधि पर पूजा-अर्चना कर श्रद्धांजलि अर्पित की और समाज में समरसता व एकजुटता को मजबूत करने का संदेश दिया।
आश्रम पहुंचने पर मोहन भागवत का संत समाज द्वारा भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने संतों से संवाद करते हुए कहा कि समाज की मजबूती के लिए आपसी सद्भाव और एकता आवश्यक है, और ऐसे आध्यात्मिक आयोजन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव भी उपस्थित रहे और उन्होंने संत समाज को नमन करते हुए संत परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डाला। वहीं गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने संत मलूकदास के जीवन और उनके योगदान को प्रेरणादायक बताते हुए उन्हें दिव्य संत की संज्ञा दी।
कार्यक्रम में मलूकपीठाधीश्वर आचार्य राजेंद्र दास ने संघ प्रमुख को ठाकुर जी की छवि भेंट कर सम्मानित किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे परिसर में भक्ति व श्रद्धा का माहौल बना रहा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसके चलते विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा।
उल्लेखनीय है कि वृंदावन स्थित मलूकपीठ (वंशीवट) में 7 अप्रैल 2026 को संत मलूकदास महाराज की 452वीं जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। 30 मार्च से शुरू हुआ यह महोत्सव 8 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें अष्टयाम लीला, समाधि पूजन और संतों की आध्यात्मिक चर्चाएं प्रतिदिन आयोजित की जा रही हैं।
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