विक्रमादित्य की न्याय व्यवस्था से बदलेगा मध्यप्रदेश: CM मोहन यादव
जबलपुर(आरएनआई)मध्यप्रदेश के जबलपुर में शनिवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस कल्चर एंड इंफोर्मेशन सेटंर में आयोजित 'फ्रेगमेंटेशन ऑफ फ्यूजन: एम्पावरिंग जस्टिस वाया-यूनाइटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुखयमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा कि- सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन और पारदर्शी न्याय व्यवस्था आज भी हमारे लिए नजीर है।
सम्राट विक्रमादित्य ने न्यायपूर्ण शासन का संचालन किया- सीएम
कार्यक्रम में सीएम यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने सदैव नागरिकों के लिए न्यायपूर्ण शासन का संचालन किया। आज के समय में न्याय तंत्र को सरल बनाने में आधुनिक तकनीक की भूमिका महत्वपूर्ण है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाए रखने में हमारे न्याय तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने अपने नवाचारों के माध्यम से व्यवस्थाओं को आसान बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मूक-बधिरों के लिए मोबाइल एप्लीकेशन से न्याय, फाइलों के त्वरित निराकरण, कोर्ट ऑडर्स का डिजिटल सर्टिफिकेशन करते हुए बेहतर प्रबंधन का मार्ग प्रशस्त किया है।
ट्रांसफॉर्म-रिफॉर्म-परफॉर्म की तरफ देश अग्रसर- केंद्रीय कानून मंत्री
केंद्रीय विधि एवं कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा की अब मशीन लर्निंग, एआई, डिजिटल प्रिंटिंग हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग बन चुके हैं। देश ट्रांसफॉर्म, रिफॉर्म और परफॉर्म की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मंत्री ने आगे कहा कि एमपी ने देशभर के हाई कोर्ट को न्याय प्रक्रिया के सशक्तिकरण की दिशा दिखाई है।
न्यायपालिका अस्पतालों की तरह 24X7 कार्य करे- सीजेआई
कार्यक्रम के दौरान सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि नर्मदा नदी के दर्शन कर धन्य हुआ। वहां जाकर देखा कि छोटी-छोटी कई नदियों और झरनों से मिलकर विशाल मां नर्मदा के दर्शन होते हैं। आज ऐसा ही अनुभव हो रहा है। जब तकनीक की धारा में हमारे कोर्ट, पुलिस, प्रिजन, फॉरेंसिक और मेडिको लीगल सभी एक साथ मिलकर कार्य करने के लिए सक्षम हुए हैं।
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आज हमारे अस्पतालों में मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री एक स्क्रीन पर इंटीग्रेटेड है। अगर कोई डॉक्टर के पास जाकर अपनी परेशानी बताता है तो डॉक्टर को एक स्क्रीन पर मरीज की पुरानी बीमारियों की जानकारी मिल जाती है। इसी प्रकार अब समय आ गया है कि हमारी न्यायपालिका अस्पतालों की तरह 24X7 कार्य करे।
आसान होगा नागरिकों का जीवन- एमपी हाईकोर्ट चीफ जस्टिस
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने कहा कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट आज एक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च कर रहा है। अब फरियादियों को न्यायालय के फैसलों की कॉपी के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आज हम 'फ्रेगमेंटेशन ऑफ फ्यूजन" के माध्यम से ऐसी प्रक्रिया की ओर बढ़ रहे हैं, जहां सूचनाओं का प्रवाह तेजी और पारदर्शिता के साथ होगा। मध्यप्रदेश लीगल अथॉरिटी ने सबसे लिए न्याय की प्रक्रिया को आसान बनाने का जिम्मा उठाया है। अब आम लोगों के साथ पुलिस को भी ई-समन जारी करना आसान हुआ है।
कार्यक्रम की हाईलाइट्स
एमपी हाईकोर्ट के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की लॉन्चिंग की गई।
एमपी हाईकोर्ट ने लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग के लिए अपना नया CLASS (कोर्टरूप लाइव ऑडियो-विजुअल स्ट्रीमिंग सिस्टम) लॉन्च किया। यह एक ओटीटी स्टाइल में तैयार किया गया डिजिटल सिस्टमहै, जिससे थर्ड पार्टी सिस्टम पर निर्भरता खत्म होगी और लाइव स्ट्रीमिंग का पूरा कंट्रोल हाई कोर्ट अथॉरिटी के पास होगा।
एमपी हाईकोर्ट का नया पोर्टल भी लॉन्च किया गया। यहां जज, वकील और फरियादियों के लिए कोर्ट के ऑर्डर, बेल एप्लिकेशन सहित अन्य जरूरी दस्तावेज आसानी से उपलब्ध होंगे। यह फ्यूचर रेडी ज्यूडिशियल सिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एमपी हाईकोर्ट ने डिजिटल डेटा मैनेजमेंट सिस्टम 'प्रथम' भी लॉन्च किया है। यह सिस्टम आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस से लैस है। यह पारदर्शिता और प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
इस अवसर पर हाई कोर्ट की नए डिजिटल क्रांति के अंतर्गत कॉपीइंग ऑटोमेशन एंड ज्यूडीशियल इन्फॉर्मेशन डिसएमीनेशन सिस्टम की शुरुआत भी की गई। इससे फरियादियों, वकीलों और जजों को आसानी से ऑडर्स की सर्टिफाइड कॉपी मिल सकेंगी।
कार्यक्रम में प्री-मैच्योर प्रिजनर रिलीज के लिए ऑनलाइन क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की वार्षिक रिपोर्ट-2025 का विमोचन किया गया।
मध्यप्रदेश पुलिस के सहयोग से वॉर्ड स्तर पर स्थापित संकेत समाधान मध्यस्थता केंद्रों का शुभारंभ किया गया। सीजेआई ने वाक एवं श्रवण बाधित नागरिकों की सहायता के लिए मोबाइल एप्लीकेशन संकेत वाणी भी लॉन्च किया।
मध्यप्रदेश ज्यूडीशियल एकेडमी द्वारा निर्मित ज्योति जर्नल 2.0 सॉफ्टवेयर लॉन्च किया गया।
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