नई दिल्ली (आरएनआई)। मार्च की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर भारत के कई शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मैदानी इलाकों में राजस्थान के झुंझुनूं जिले के पिलानी में सबसे अधिक 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। India Meteorological Department के अनुसार अगले तीन दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।
मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान, दक्षिण हरियाणा, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। वहीं देश के अधिकांश अन्य क्षेत्रों में तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कई इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक चल रहा है।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। Jammu and Kashmir, Ladakh, Himachal Pradesh और Uttarakhand के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से 5 से 8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। तेज धूप के कारण पहाड़ी इलाकों में भी स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत में शुष्क हवाएं चलने के कारण मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है। उत्तर-पश्चिम भारत में रात का तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में यह 18 से 22 डिग्री सेल्सियस तथा दक्षिण भारत में 22 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से आने वाले दिनों में पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। जम्मू-कश्मीर में 7 से 12 मार्च के बीच हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी इसी अवधि के दौरान हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
पूर्वी भारत में भी मौसम में बदलाव के संकेत मिले हैं। ओडिशा में 7 से 9 मार्च के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। झारखंड में 8 और 9 मार्च तथा बिहार में 9 से 11 मार्च के बीच आंधी, बारिश और बिजली गिरने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसम बदलने के आसार हैं। अरुणाचल प्रदेश में 8 से 12 मार्च के बीच गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। वहीं असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 9 से 12 मार्च के बीच आंधी-तूफान और बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद कुछ दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। पश्चिम भारत के राज्यों, खासकर गुजरात में अगले सात दिनों के दौरान तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
कुछ क्षेत्रों में लू चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 8 मार्च को लू जैसी स्थिति बनने की आशंका है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 9 और 10 मार्च को गर्म हवाएं चल सकती हैं। सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में 8 से 10 मार्च के बीच लू चलने के आसार जताए गए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर बना रह सकता है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाएं चलने के कारण तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, हालांकि कई मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी का असर अभी भी महसूस होता रहेगा।
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