प्रीपेड मीटर पर सख्त रुख: विद्युत नियामक आयोग ने पावर कॉरपोरेशन को नोटिस, ₹1 लाख जुर्माने की चेतावनी
अवधेश कुमार वर्मा
लखनऊ (आरएनआई)। प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। आयोग ने मार्च से अप्रैल के बीच पॉजिटिव रिचार्ज के बाद तय समय सीमा के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल न करने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन को नोटिस जारी किया है और प्रत्येक मामले में ₹1 लाख तक जुर्माना लगाने पर विचार जताया है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि विद्युत अधिनियम 2003 और स्टैंडर्ड्स ऑफ परफॉर्मेंस विनियम, 2019 के तहत रिचार्ज के दो घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल करना अनिवार्य है और कम से कम 95 प्रतिशत मामलों में यह सुनिश्चित होना चाहिए। लेकिन पावर कॉरपोरेशन द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में कई तिथियों पर यह प्रतिशत 77 तक गिरा पाया गया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। विशेष रूप से 13, 14, 16, 17, 18, 23, 25 और 28 मार्च तथा 2 और 7 अप्रैल 2026 को गंभीर लापरवाही सामने आई।
पावर कॉरपोरेशन के निदेशक (कमर्शियल) की ओर से दाखिल जवाब में स्वीकार किया गया है कि करीब 1.93 लाख प्रीपेड उपभोक्ताओं के कनेक्शन रिचार्ज के बावजूद दो घंटे के भीतर बहाल नहीं हो सके। कुल 16 दिनों के आंकड़ों में से 10 दिनों में मानकों का उल्लंघन पाया गया है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह के निर्देश पर प्रबंध निदेशक से 15 दिनों के भीतर जवाब तलब किया गया है।
आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 142 और 57 के तहत प्रत्येक मामले में ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जा सकता है। आयोग ने यह भी दोहराया कि उपभोक्ताओं को समय पर और निर्बाध सेवा देना बिजली कंपनियों की जिम्मेदारी है, जिसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस बीच उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्य से मुलाकात कर मांग रखी कि प्रदेश में नए कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता तत्काल समाप्त की जाए और पहले से लगाए गए सभी प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदला जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के 70 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर प्रीपेड मोड में लगाए गए हैं, जिस पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
आयोग की इस सख्ती के बाद पावर कॉरपोरेशन में हड़कंप मच गया है और अब सभी की नजरें आगामी कार्रवाई और संभावित फैसले पर टिकी हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)