जेपी के नाम से समर्पित यह पुस्तकालय युवाओं के ज्ञान का केंद्र बनेगा:शाह

Saturday, July 11, 2026 - 21:11
Updated: 4 months ago
0
जेपी के नाम से समर्पित यह पुस्तकालय युवाओं के ज्ञान का केंद्र बनेगा:शाह

नई दिल्ली (आरएनआई) केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम से समर्पित यह पुस्तकालय युवाओं के ज्ञान का केंद्र बनेगा।

श्री शाह यहां जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय का लोकार्पण के बाद सहभागियों को संबोधित कर रहे थे।इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष केशव चंद्र सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

श्री शाह ने कहा कि किसी देश का भविष्य कृषि, बाज़ार या उद्योग से नहीं, बल्कि उसके पुस्तकालयों में जुटने वाली युवाओं की भीड़ से तय होता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र को आगे बढ़ाने वाली, राष्ट्र-निर्माण और राष्ट्र को वैभव दिलाने वाली सारी गतिविधियों का मूल ज्ञान एवं विवेक में होता है। यह ज्ञान सिर्फ एक पुस्तकालय ही दे सकता है।

गृह मंत्री श्री शाह ने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे एक बार पुस्तकालय से अवश्य जुड़ें। पढ़ने की आदत बनते ही अच्छे-बुरे का विवेक स्वयं जाग जाएगा। गृह मंत्री ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि जिस छोटे से कस्बे में वह पैदा हुए और उनका बचपन बीता, वहाँ एक समृद्ध पुस्तकालय था। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय के माध्यम से कब उनकी अध्ययन यात्रा वेदों और उपनिषदों तक पहुंच गई, उन्हें पता नहीं चला।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज सभागार में उन्होंने एक वाक्य लिखा देखा कि “बोलने से पहले सोचना चाहिए, क्योंकि शब्द कभी वापस नहीं आते।”हैं।उन्होंने कहा कि कोई भी वाक्य बोलने से पहले सोचना चाहिए और सोचने से पहले पढ़ना चाहिए कि क्या सोचना है।

उन्होंने कहा कि अपने संसदीय क्षेत्र में उन्होंने एक छोटा सा प्रयोग किया है। उनके संसदीय क्षेत्र के लगभग हर गाँव में एक पुस्तकालय खोला गया है, जिनमें लगभग 3-4 हजार पुस्तकें हैं। इन पुस्तकालयों को मुख्य पुस्तकालय से लिंक किया गया है, जिसमें सवा लाख पुस्तकें हैं। इसके अलावा, चार मोबाइल वैन भी चलाई गई हैं।

उन्होंने कहा कि गांवों के बच्चे पुस्तकालय में अपनी पसंद की पुस्तक का नाम लिख कर उसे मँगवाने का अनुरोध करते हैं, और हर शुक्रवार के दिन बच्चों को उनकी पसंद की पुस्तक गांव में ही उपलब्ध करा दी जाती है।

उन्होंने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि वह दिल्ली के सभी पुस्तकालयों को आपस में लिंक करें और स्कूलों को इनसे जोड़ने के लिए एक ठोस योजना बनाएं। 

उन्होंने जयप्रकाश नारायण सार्वजनिक पुस्तकालय के कर्मियों से भी आग्रह किया कि वे नई दिल्ली के आसपास के 10 विधानसभा क्षेत्रों के सभी स्कूलों से संपर्क कर युवाओं को पुस्तकालय से जोड़ें और उन्हें यहाँ आने के लिए प्रेरित करें। एल.एस.

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User