चुनाव में निष्पक्षता की ‘सजा’ भुगत रहे 82 पुलिसकर्मियों की वापसी की तैयारी, गृह विभाग की मंजूरी का इंतजार
Kolkata पुलिस में करीब एक दशक पहले ‘सजा’ के तौर पर जिलों में भेजे गए 82 पुलिस अधिकारियों की वापसी की उम्मीद एक बार फिर जगी है। जानकारी के अनुसार, वर्तमान पुलिस कमिश्नर Ajay Nanda ने राज्य के गृह विभाग को प्रस्ताव भेजकर इन अधिकारियों को दोबारा कोलकाता पुलिस में शामिल करने की अनुमति मांगी है।
बताया जा रहा है कि साल 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान इन पुलिस अधिकारियों ने Election Commission of India के नियमों का सख्ती से पालन किया था और कथित तौर पर सत्ताधारी दल के नेताओं के मौखिक निर्देशों को नजरअंदाज किया था। इसके बाद 82 जूनियर स्तर के अधिकारियों का तबादला विभिन्न जिलों में कर दिया गया था। पिछले 10 वर्षों में इनमें से किसी भी अधिकारी की कोलकाता पुलिस में वापसी नहीं हो सकी।
जिस समय यह कार्रवाई हुई थी, उस दौरान Rajeev Kumar कोलकाता पुलिस कमिश्नर के पद पर थे। इस पूरे मामले को लेकर लंबे समय से पुलिस महकमे के भीतर चर्चा होती रही है।
साल 2024 में भांगड़ डिवीजन को कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में शामिल किए जाने के बाद मैनपावर की कमी सामने आई थी। उस समय तत्कालीन पुलिस कमिश्नर Vineet Kumar Goyal ने भी इन अधिकारियों की वापसी का प्रस्ताव तैयार किया था, ताकि नए डिवीजन की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। हालांकि उस वक्त उच्च स्तर पर इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी थी।
अब नए पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने इस प्रक्रिया को दोबारा शुरू करते हुए गृह विभाग को औपचारिक पत्र भेजा है। साथ ही उन्होंने नई नियुक्तियां होने तक अंतरिम व्यवस्था के तौर पर राज्य पुलिस से कुछ कर्मियों को कोलकाता पुलिस में स्थानांतरित करने का अनुरोध भी किया है, ताकि बल की कमी को कम किया जा सके।
इस घटनाक्रम को पुलिस प्रशासन और राज्य की राजनीति दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर गृह विभाग के फैसले पर टिकी है, जिससे यह तय होगा कि एक दशक से बाहर रहे इन अधिकारियों की आखिरकार कोलकाता पुलिस में वापसी हो पाएगी या नहीं।
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