वित्त मंत्री ने बजट पर रखी सरकार की प्राथमिकताएँ, राहुल गांधी पर विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की तैयारी
नई दिल्ली (आरएनआई) संसद के बजट सत्र के 11वें दिन मंगलवार को लोकसभा में कई दिनों के व्यवधान के बाद आम बजट पर चर्चा शुरू हुई। इसी क्रम में बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा को संबोधित करते हुए बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बजट में श्रम प्रधान क्षेत्रों को विशेष महत्व दिया है, ताकि रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके। वित्त मंत्री ने बायोफार्मा सेक्टर पर खास फोकस की बात कही और स्पष्ट किया कि स्टार्टअप्स के विस्तार के लिए बड़े डोमेन उपलब्ध कराने को सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि मेगा टेक्सटाइल पार्कों के विकास के लिए केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम करेगी।
इस बीच, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सदन को गुमराह करने वाले और निराधार बयान दिए हैं। रिजिजू के अनुसार, संसद की कार्यवाही और प्रक्रिया के स्पष्ट नियम हैं और यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाता है, तो उसे पूर्व नोटिस देना और आरोपों को प्रमाणित करना आवश्यक होता है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी को सदन में बुलाकर उनके द्वारा उठाए गए बिंदुओं के समर्थन में प्रमाण मांगे गए हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री पर बिना आधार के गंभीर आरोप लगाए हैं और बिना नोटिस दिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर भी आरोप लगाए।
लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान विभिन्न दलों के सांसदों ने भी अपने विचार रखे। केरल के कोट्टायम से कांग्रेस सांसद एडवोकेट फ्रांसिस जॉर्ज, असम की कोकराझार सीट से सांसद जे. बासुमतारी और केरल से आईयूएमएल सांसद डॉ. एम.पी. अब्दुस्समद ने चर्चा में भाग लिया।
उधर, राज्यसभा में भी बजट 2026 पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, मध्य प्रदेश से भाजपा सांसद डॉ. कविता पाटीदार, पूर्व प्रधानमंत्री और कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य एच.डी. देवेगौड़ा तथा भाजपा सांसद सुजीत कुमार ने अपने विचार सदन के समक्ष रखे।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी राहुल गांधी के बयान पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि संसद के नियम नए नहीं हैं, बल्कि संविधान के निर्माण के समय से ही लागू हैं। जोशी ने स्पष्ट किया कि किसी पर आरोप लगाने के लिए दस्तावेज और ठोस सबूत जरूरी होते हैं, केवल बयान देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को संसदीय नियमों और भाषा की समझ नहीं है और उन्होंने बजट से इतर विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया।
बजट बहस के साथ-साथ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को लेकर बढ़ती सियासी गर्माहट के बीच संसद का माहौल एक बार फिर तीखा होता नजर आ रहा है।
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