रावतपुरा धाम को लेकर बढ़ा विवाद, पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने उठाए गंभीर सवाल
मध्य प्रदेश के चर्चित धार्मिक स्थल रावतपुरा धाम को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने रावतपुरा महाराज को पत्र लिखकर धर्म, राजनीति और कथित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर कई गंभीर सवाल पूछे हैं।
डॉ. गोविंद सिंह ने अपने पत्र में कहा कि वर्ष 2013 में रावतपुरा महाराज ने धाम को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखने का वादा किया था, लेकिन आज वही स्थान भारतीय जनता पार्टी के “प्रशिक्षण केंद्र” के रूप में इस्तेमाल होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर धार्मिक स्थल को राजनीतिक मंच क्यों बनाया जा रहा है।
पूर्व मंत्री ने रावतपुरा धाम से जुड़े व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थानों पर भी निशाना साधा। उनका आरोप है कि ईश्वर सेवा और आध्यात्मिक कार्यों के नाम पर 50 से अधिक संस्थान खड़े कर आर्थिक साम्राज्य बनाया गया है। उन्होंने पूछा कि क्या यह धार्मिक सेवा है या फिर धर्म की आड़ में व्यापार का विस्तार।
डॉ. गोविंद सिंह ने रायपुर मेडिकल कॉलेज से जुड़े कथित रिश्वत मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो की प्राथमिकी में रावतपुरा महाराज का नाम आरोपी नंबर-4 के रूप में सामने आया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस तरह के आरोप किसी संत की गरिमा के अनुरूप हैं।
पत्र में लहार क्षेत्र के लोगों से किए गए पुराने वादों का मुद्दा भी उठाया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1993 में जनता को 1000 बिस्तरों वाले अस्पताल का सपना दिखाया गया था, लेकिन आज तक वह सपना पूरा नहीं हो सका। उन्होंने पूछा कि आखिर वह वादा कहां खो गया।
डॉ. गोविंद सिंह ने रावतपुरा महाराज से अपील की कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए और धाम से जुड़े ट्रस्टों तथा ट्रस्टियों की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
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