महिलाओं के दहेज उत्पीड़न विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन
हरदोई (आरएनआई) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदोई के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश माननीय रीता कौशिक एवं अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सचिव श्रीमती काव्या सिंह के मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति, सदर हरदोई द्वारा महिलाओं के दहेज उत्पीड़न विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन चाणक्य कंपटीशन क्लासेज, हरदोई में किया गया।
शिविर का संचालन तहसील विधिक सेवा समिति के सचिव/तहसीलदार श्री सचिंद्र कुमार शुक्ला के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में लीगल एंड क्लीनिक कीर्ति कश्यप ने दहेज उत्पीड़न विषय पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि विवाह के बाद पति या ससुराल पक्ष द्वारा अतिरिक्त धन, सामान या संपत्ति की मांग के लिए महिला को शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक रूप से प्रताड़ित करना दहेज उत्पीड़न कहलाता है। उन्होंने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए एवं 304बी इस अपराध के विरुद्ध प्रमुख कानूनी प्रावधान हैं। दोषी पाए जाने पर धारा 498ए के अंतर्गत पति या ससुराल पक्ष को तीन वर्ष तक की सजा तथा गंभीर मामलों में आजीवन कारावास का प्रावधान है। साथ ही दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के अनुसार दहेज लेना एवं देना दोनों ही दंडनीय अपराध है।
कार्यक्रम में अशोक कुमार (मुख्यालय) द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जा रही निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी दी गई तथा पंपलेट वितरित कर नालसा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में अवगत कराया गया।
चाणक्य कंपटीशन क्लासेज के प्रबंधक सौरभ त्रिपाठी ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। शिविर में शिक्षक शिवम पांडे, उत्कर्ष, प्रखर दीक्षित तथा विशेष सहयोगी एवं सामाजिक कार्यकर्ता विजय श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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