मध्यप्रदेश के एकमात्र श्री भरतलाल जी के मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के पूर्व हल चलाकर यज्ञ शाला का हुआ भूमि पूजन

Wednesday, March 19, 2025 - 19:14
Updated: 2 years ago
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गुना_चाचौड़ा (आरएनआई) भारत देश के मध्यप्रदेश राज्य के एकमात्र श्री भरतलाल जी मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य जन सहयोग से पिछले 6 वर्षों से चल रहा था जिसका भूमि पूजन सन 2018 में श्री निंबार्क पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 श्री श्याम शरण जी देवाचार्य "श्री जी महाराज" के कर कमलो से किया गया था जिसका कार्य अव पूर्ण रूप से कम्प्लीट हो गया है इसके साथ ही श्री भरतलाल जी मंदिर जीर्णोद्धार समिति के सचिव मुकेश संत और कोषाध्यक्ष हरीश पालीवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश के गुना जिले की चाचौड़ा तहसील के राष्ट्रीय राजमार्ग 46 से 4 किलोमीटर पश्चिम की ओर चारों तरफ पहाड़ियों से घिरा हुआ पवित्र तीर्थ स्थल महर्षि च्वयन ऋषि की तपस्थली श्री बाग बागेश्वर धाम स्थित है जिसमें स्वयंभू श्री बागीश नाथ महादेव जी विराजमान है एवं वागीश नाथ महादेव जी से पूर्व की ओर डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर मध्यप्रदेश का एकमात्र श्री भरतलाल जी का मंदिर स्थित है इस मंदिर की स्थापना चाचौड़ा चंपावती क्षेत्र के नागरिकों द्वारा सन 1664 के पूर्व की गई थी एवं बड़ा मंदिर सदर बाजार चाचौड़ा में विराजमान श्री रामानंद संप्रदाय के वैष्णव बैरागी संत महंत श्री हरिदास जी महाराज को श्री भरतलाल जी मंदिर बाग बागेश्वर धाम चाचौड़ा की  सेवा पूजा एवं व्यवस्था के लिए समर्पित किया गया इस दौरान उस समय मंदिर के समीप ही रहने के लिए सत्संग भवन रसोई घर एवं गौशाला का निर्माण भी किया गया था वर्तमान समय में भी महंत दिनेश जी संत व उनके भाइयों के द्वारा मंदिर की  पूजा सेवा एवं व्यवस्था की जा रही है इसके साथ ही आगे जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि श्री भरत लाल जी मंदिर प्राचीन होने के कारण जीर्णोद्धार होता जा रहा था इस दौरान उसे समय के महंत श्री गोविंद दास जी संत के द्वारा सन 1984 में मंदिर जीर्णोद्धार का संकल्प लिया गया था जो कि समाज के सहयोग से होना था एवं सन 1984 में तत्कालीन महंत के दौरान समाज के सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार का कार्य प्रारंभ हुआ एवं पुरानी चिंगारी पत्थरों से दो कक्षों का निर्माण कार्य किया गया एवं 26 फरवरी 1990 को श्री भरत लाल जी को नवीन कक्ष(मन्दिर) मे पदार्पण करवाया गया इसके उपरांत कालचक्र से 26 में 1999 को निर्जला एकादशी के दिन महंत श्री गोविंद दास जी का स्वर्गवास हो गया क्योंकि मंदिर के पुजारी एवं रामलीला के उच्च कोटि कलाकार के साथ-साथ शासकीय विद्यालय में संस्कृत विषय के बहुत ही उच्च कोटि के शिक्षक थे हजारों विद्यार्थियों ने उनसे शिक्षा प्राप्त की थी एवं उनके प्रति श्रद्दाभाव रखते थे इस दौरान सभी विद्यार्थी व परिवार के सदस्यों ने मिलकर उनके इस संकल्प को पूर्ण करने का निर्णय लिया इस कार्य को प्रारंभ करने के लिए स्वर्गीय महंत श्री गोविंद दास जी संत की 19 की पुण्य स्मृति में सुंदरकांड का मंचन किया गया एवं समाज से सहयोग हेतु अपेक्षा की गई चंपावती क्षेत्र के समाज जनों ने भी बडचढ़ कर के अपना सहयोग मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य के लिए दिया उसे दिन 31 लाख रुपए की घोषणा की गई जो की प्रतिमा किस्त के रूप में समिति को प्राप्त होती रहेंगी उसे समय मंदिर का कार्य प्रारंभ किया जाए ऐसा तय हुआ इस दौरान ही समिति के सभी सदस्यों ने निर्णय लिया कि श्री निंबार्क पीठाधीश्वर जगद्गुरु श्री श्री 1008 श्री श्याम शरण जी देवाचार्य जी "श्री जी" महाराज के कर कमलों से मंदिर का भूमि पूजन किया जाए जो की 9 जून 2018 को बड़े ही जोर जोर से किया गया और अब आने वाले जून माह मे दिनांक 8 जून 2025 को मध्यप्रदेश के एकमात्र श्री भरतलाल जी के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होना है जिसके उपरांत आज दिनांक 19 मार्च को प्राण प्रतिष्ठा हेतु यज्ञशाला का भूमि पूजन एवं ध्वजारोहण महंत श्री महाप्रभु दास जी,महंत श्री दीनबंधु दास जी,महंत पंडित श्री शिवदयाल जी भार्गव भागवत आचार्य,यज्ञ आचार्य श्री आनंद जी शर्मा और अन्य साधु संतों के साथ साथ समाज नगर के गणमान्य नागरिकों के समक्ष यज्ञशाला हेतु मुख्य यजमान द्वारा हल चला कर भूमि का शुद्धिकरण किया गया एवं अतिथि महंतो एवं विप्र समाज द्वार ध्वजारोहणकर कार्यक्रम का विधिवत प्रारंभ किया गया प्रतिष्ठा महोत्सव 2 जून से प्रारंभ होकर 8 जून को प्रतिष्ठा की जावेगी जिसमें देश के महान संत महात्माओ के आने की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और कार्यक्रम के अंत मे आरती समापन के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया समिति के सचिव महोदय द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।

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