नीम-मिश्री सिखाती है जीवन के मीठे-कड़वे अनुभव स्वीकार करना — नवसंवत्सर पर वैश्य समाज का उत्सव
गुना (आरएनआई) चैत्र नवरात्रि एवं नवसंबत्सर के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश वैश्य महासम्मेलन जिला इकाई के तत्वावधान में स्थानीय जयस्तंभ चौराहे पर वैश्य समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा भगवान श्री लक्ष्मीनारायण को सवा मन लड्डुओं का भोग लगाकर नगरवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए मुंह मीठा कराया गया, साथ ही हमारी हिन्दू परंपरा के अनुसार नीम, मिश्री ओर कालीमिर्च का सेवन भी कराया गया। इस अवसर पर ज़िलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज के दिन नीम और मिश्री के सेवन का एक विशेष महत्व है , एक ओर जहां यह हमें जीवन में मीठे और कड़वे अनुभवों को स्वीकार करने हेतु सामर्थ्य प्रदान करता है वहीं दूसरी ओर बदलते मौसम में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करता है। नववर्ष के प्रारंभ चैत्र माह में नई ऋतु का प्रारंभ है नई फसलों के आगमन के साथ ही वृक्ष वनस्पति एवं फूलों में नई कोपलों का संचार होता है जिससे हमें नई उर्जा प्राप्त होती है। सभी उपस्थित जनों द्वारा शहरवासियों को नवसम्वत्सर, गुड़ी पड़वा एवं चैत्र नवरात्रि की बधाई शुभकामनाएं प्रदान की गईं एवं दुर्गा स्वरुप कन्या के पैर छूकर आशीर्वाद लिया गया ।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)