उत्तर प्रदेश: पत्रकारों का चुनाव फुटपाथ पर, परिवार को आर्थिक चोट देने का आरोप
अनिल तिवारी
लखनऊ (आरएनआई) उत्तर प्रदेश की पत्रकारिता जगत में हाल ही में एक विवादास्पद घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें पत्रकार हेमंत तिवारी पर आम पत्रकारों को दबाने और उनके परिवार को आर्थिक रूप से कमजोर करने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि हेमंत तिवारी ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद से मिलने के लिए दो दिन तक लोकभवन में घेराबंदी की और पत्रकारों के लोकतांत्रिक चुनाव को फुटपाथ पर आयोजित कर अपने वर्चस्व का प्रदर्शन किया।
इस दौरान लघु और मध्यम समाचार पत्रों को मिलने वाले सरकारी विज्ञापन रातोंरात बंद कर दिए गए, जिससे पत्रकार परिवारों पर गंभीर आर्थिक दबाव पड़ा। पत्रकारों का आरोप है कि यह रणनीति भविष्य में किसी अन्य पत्रकार के विरोध या लोकतांत्रिक चुनाव की कोशिश को रोकने के लिए तैयार की गई थी।
विशेष रूप से, हेमंत तिवारी ने अपने समर्थक दिव्य कारिंदों के माध्यम से मीडिया में समाचार प्रकाशित कर सूचना विभाग के निदेशक विशाल सिंह के खिलाफ भी कदम उठाया। इसके बाद पुनर्गठित पत्रकार समिति को विघटित करने के आदेशों को लागू कराने की प्रक्रिया भी शुरू हुई।
पत्रकारों का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई लोकतंत्र और पत्रकारिता के मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आने वाले समय में परिवार और पत्रकारों की रक्षा के लिए पुरजोर कदम उठाए जाएंगे, और ज़रूरत पड़ी तो हेमंत तिवारी के कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
पत्रकार समुदाय में इस घटना को जुल्म के रूप में देखा जा रहा है और यह सवाल उठ रहा है कि सत्ता और आर्थिक दबाव का इस्तेमाल कर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करना कितना उचित है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)