PAK-बांग्लादेश बॉर्डर पर सुरक्षा का ‘10 कवच’! AI, ड्रोन और स्मार्ट फेंसिंग से अभेद्य होगी सीमा
भारत अब पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को हाईटेक सुरक्षा कवच से पूरी तरह मजबूत करने जा रहा है। स्मार्ट फेंसिंग और एडवांस सर्विलांस सिस्टम से लैस यह नई सुरक्षा ग्रिड योजना अगले एक साल में लागू किए जाने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य घुसपैठ, ड्रोन गतिविधियों, तस्करी और सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाना है।
नई परियोजना के तहत सीमा पर कई अत्याधुनिक तकनीकों को तैनात किया जाएगा। इनमें एंटी-ड्रोन गश्ती वाहन, रडार सिस्टम, लांग रेंज रिकॉनिसेंस एंड ऑब्जर्वेशन सिस्टम (LORROS), फॉरवर्ड लुकिंग इन्फ्रारेड तकनीक, थर्मल कैमरे, AI आधारित सर्विलांस रोबोट और ड्रोन कमांडो जैसे आधुनिक सुरक्षा उपकरण शामिल हैं।
सीमा सुरक्षा बल (BSF) को इन तकनीकों की मदद से सीमा के संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे निगरानी रखने में बड़ी सहायता मिलेगी। खास बात यह है कि ये सिस्टम दिन और रात दोनों समय लंबी दूरी तक सटीक निगरानी करने में सक्षम होंगे।
मल्टी-सेंसर तकनीक से लैस फॉरवर्ड लुकिंग इन्फ्रारेड सिस्टम में थर्मल कैमरे, डे-लाइट कैमरे और शॉर्ट-वेव इन्फ्रारेड कैमरे लगाए जाएंगे। इसकी मदद से घने कोहरे, अंधेरे और खराब मौसम में भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।
इसके अलावा ‘व्यापक एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली’ यानी CIBMS को भी बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है। यह सेंसर, नेटवर्क और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए काम करेगा। फिलहाल जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों में इस तकनीक को लगाया जा रहा है, जबकि राजस्थान में पुरानी फेंसिंग को भी स्मार्ट फेंसिंग में बदला जाएगा।
सरकार का मानना है कि यह हाईटेक सुरक्षा ग्रिड भारत की सीमा और तटीय सुरक्षा को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाएगा और भविष्य की चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगा।
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