एसआरसीसी में पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर विवाद, सीजेपी ने कहा- युवाओं को उम्मीद दें, लेबल नहीं
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने प्रधानमंत्री के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि देश के प्रमुख कॉलेजों में युवाओं के बीच उन्हें शिक्षा, रोजगार और छात्र कल्याण जैसे मुद्दों पर बात करनी चाहिए थी।
सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सवाल पूछने वाली युवा पीढ़ी को ‘दिमागी नक्सल’ जैसे शब्दों से संबोधित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को युवाओं के सामने उम्मीद और भविष्य की संभावनाओं की बात रखनी चाहिए, न कि उन पर किसी तरह का लेबल लगाना चाहिए।
दास ने कहा कि एसआरसीसी के शिक्षकों और छात्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे ऐसे हैं, जिन पर प्रधानमंत्री बात कर सकते थे। इनमें शिक्षकों की मेडिकल और चाइल्डकेयर लीव से जुड़ी चिंताएं, कॉलेज के बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याएं और छात्रों पर बढ़ता प्रतिस्पर्धी दबाव शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री के सामने युवाओं और शिक्षकों से जुड़े सवालों पर चर्चा करने का अवसर था। सीजेपी का कहना है कि ऐसे मौकों पर शिक्षा व्यवस्था, रोजगार के अवसर और छात्रों की वास्तविक समस्याओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
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