गुना में सोशल मीडिया को लेकर कलेक्टर कन्याल ने जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश, भ्रामक व आपत्तिजनक पोस्ट, लाइक-शेयर और फॉरवर्ड पर रोक; 4 दिसंबर तक लागू रहेगा आदेश
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल द्वारा पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म (व्हाटसएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम व अन्य) के संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अधीन विभिन्न प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैं।
पुलिस अधीक्षक दवारा अपने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि वर्तमान में विभिन्न सोशल मीडिया पोटफॉर्म (जैसे व्हाट्सअप, फेसबुक, इंस्टाग्राम व अन्य पर) भ्रामक एवं अपुष्ट सूचनाएं/ संदेश आमजन द्वारा चित्रों, ऑडियो एवं वीडियो मैसेज के माध्यम से प्रसारित किये जा रहे हैं। ऐसी भ्रामक एवं अपुष्ट खबरों के कारण कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रतिकूल स्थितियां निर्मित होने की संभावना बनी हुई है, साथ ही लोक व्यवस्था को खतरा उत्पन्न होने की स्थितियां निर्मित हो सकती हैं।
इसे दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री किशोर कुमार कन्याल द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिता 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत गुना जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने तथा जन सामान्य की सुरक्षा की दृष्टिगत रखते हुए जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा अंतर्गत आगामी आदेश तक विभिन्न प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये गये हैं।
जारी आदेश अनुसार कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, वॉट्सएप, हाईक, ट्वीटर, एसएमएस, इन्स्टाग्राम, टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया साईट्स आदि का दुरुपयोग कर धार्मिक, सामाजिक, जातिगत भावनाओं एवं विद्ववेष को भड़काने के लिये किसी भी प्रकार के संदेशों का प्रसारण नहीं करेगा।
कोई भी व्यक्ति उपरोक्त वर्णित सोशल मोडिया के किसी भी प्लेटफार्म में किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक एवं उन्माद फैलाने वाले संदेश, फोटो, ऑडियो, वीडियो इत्यादि जिससे धार्मिक, सामाजिक, जातिगत आदि भावनाएं भड़क सकती हैं या साम्प्रदायिक विद्ववेष पैदा होता हो, को प्रसारित नहीं करेगा।
सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट जिसमे धार्मिक, साम्प्रदायिक एवं जातिगत भावना भड़कती हों, को कमेंट, लाईक, शेयर या फारवर्ड नहीं करेगा, ग्रुप एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों को रोके।
कोई भी व्यक्ति केन्द्र शासन अथवा राज्य शासन द्वारा संचालित किसी भी शासकीय योजना, कार्यक्रम, अभियान, सहायता, अनुदान, लाभ अथवा अन्य शासकीय आदेशों के संबंध में भ्रामक, असत्य, अपुष्ट अथवा तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने वाली सूचना, संदेश, फोटो, ऑडियो, वीडियो अथवा अन्य सामग्री सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित, प्रकाशित, साझा अथवा फारवर्ड नहीं करेगा, जिससे आमजन में भ्रम, असंतोष, भय अथवा कानून एवं शांति व्यवस्था के प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न होने की संभावना हो। शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संबंध में जानकारी प्रसारित करते समय यथासंभव अधिकृत शासकीय स्रोतों से प्राप्त एवं सत्यापित जानकारी का ही उपयोग किया जाएगा।
कोई भी व्यक्ति सामुदायिक, धार्मिक, जातिगत विद्वेष फैलाने या लोगों अथवा समुदाय के मध्य घृणा, वैमनस्यता पैदा करने या दुष्प्रेरित करने या उकसाने या हिंसा फैलाने का प्रयास उपरोक्त माध्यमों से नहीं करेगा और न ही इसके लिये प्रेरित करेगा ।
कोई भी व्यक्ति/समुदाय ऐसे संदेशों को प्रसारित नहीं करेगा जिसमें किसी व्यक्ति/संगठन/समुदाय आदि को एक स्थान पर एक राय होकर जमा होने और उनसे कोई गैर कानूनी गतिविधियां करने हेतु आव्हान किया गया हो, जिससे कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना विद्यमान हो ।
गुना जिले की सीमा के अन्दर किसी भी साइबर कैफे के स्वामी / संचालक द्वारा किसी भी अनजान व्यक्ति, जिसका परिचय किसी विश्वसनीय प्रमाण-पत्र जैसे परिचय पत्र, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लायसेंस, पासपोर्ट फोटो युक्त, क्रेडिट कार्ड, पैन कार्ड या ऐसे ही अन्य साक्ष्य से प्रमाणित न हो, को साइबर कैफे का उपयोग नहीं करने दिया जायेगा।समस्त आगन्तुकों/प्रयोगकर्ताओं का रजिस्टर रखे बिना सायबर कैफे संचालित नहीं किया जायेगा। सभी आगन्तुकों/प्रयोगकर्ताओं को उनके हस्तलेख में नाम, पता, दूरभाष नम्बर तथा परिचय का प्रमाण पत्र अंकित कराये बिना साइबर कैफे का प्रयोग वर्जित होगा। साइबर कैफे में बिना वेब कैमरा लगाये जिसमें प्रत्येक आगन्तुक/प्रयोगकर्ताओं की फोटो खींची जा सके तथा उसका अभिलेख सुरक्षित रखा जा सके, संचालित नहीं किया जावेगा। यह अभिलेख कम से कम 06 माह तक सुरक्षित रखा जायेगा।
उक्त आदेश का दृढ़तापूर्वक पालन किया जाना सुनिश्चित हो। यदि कोई भी व्यक्ति, संस्था या पक्ष इस आदेश में कोई छूट या शिथिलता चाहे तो उसे कलेक्टर के सम्मुख विधिवत आवेदन करने का अधिकार होगा, जिस पर सम्यक सुनवाई एवं विचारोपरान्त समुचित आदेश पारित किये जायेंगे।
उक्त आदेश का उल्लंघन करने की दशा में संबंधित के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 तथा अन्य अधिनियमों के अंतर्गत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से 05 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा और बीच में वापस न लिया गया तो आगामी 04 दिसम्बर 2026 तक लागू रहेगा।
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