गुना जिला अस्पताल में दिव्यांग भाई को कंधे पर उठाकर वार्ड तक ले गई बहन, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
गुना जिला अस्पताल से सामने आए एक वीडियो ने मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में राघौगढ़ क्षेत्र के बोरखेड़ी गांव की कृष्णाबाई अपने बीमार और दिव्यांग भाई जगदीश को कंधे पर उठाकर अस्पताल के वार्ड तक ले जाती दिखाई दे रही हैं।
जानकारी के अनुसार, जगदीश पिछले करीब एक साल से बीमार हैं और दिव्यांग होने के कारण चलने-फिरने में असमर्थ हैं। कृष्णाबाई का कहना है कि इलाज के लिए भाई को अस्पताल लेकर पहुंचने के बाद उन्हें वार्ड तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला। मदद नहीं मिलने पर उन्हें खुद ही भाई को पीठ पर बैठाकर वार्ड तक ले जाना पड़ा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने स्ट्रेचर की कमी के दावे से इनकार किया है। प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के अनुसार अस्पताल में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर उपलब्ध हैं। क्रिटिकल केयर ब्लॉक और पुराने अस्पताल के आसपास भी स्ट्रेचर रखे गए हैं। मरीजों को वार्ड तक पहुंचाने के लिए वार्ड बॉय और मल्टी-यूटिलिटी कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कई बार मरीजों के परिजन जल्दबाजी में खुद ही मरीज को उठाकर वार्ड तक ले जाते हैं और जरूरत पड़ने पर अस्पताल के कर्मचारियों से मदद ली जा सकती है। हालांकि, सामने आई तस्वीर ने व्यवस्था और जमीनी स्तर पर मरीजों को मिलने वाली तत्काल सहायता के बीच अंतर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस पूरे मामले में एक तरफ कृष्णाबाई का कहना है कि उन्हें स्ट्रेचर और तत्काल मदद नहीं मिली, जबकि दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन पर्याप्त स्ट्रेचर और स्टाफ उपलब्ध होने की बात कह रहा है। ऐसे में सवाल यही है कि यदि अस्पताल में संसाधन और कर्मचारी मौजूद थे, तो एक बहन को अपने बीमार और दिव्यांग भाई को कंधे पर उठाकर वार्ड तक ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी।
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