46 करोड़ का ओवरब्रिज, 4 साल में स्लैब क्रैक! भारी वाहनों की आवाजाही जारी, हादसे का खतरा बढ़ा
कानपुर (आरएनआई)। घाटमपुर में लगभग 46 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ओवरब्रिज में गंभीर तकनीकी खामियां सामने आई हैं। करीब चार वर्ष पहले बनाए गए इस पुल के स्लैब में दरारें पड़ गई हैं, जबकि छत और बीम के कई हिस्सों में भी गहरे क्रैक दिखाई दिए हैं। चिंताजनक बात यह है कि पुल की स्थिति खतरनाक होने के बावजूद उस पर भारी और ओवरलोड वाहनों का आवागमन लगातार जारी है।
कानपुर-सागर हाईवे पर स्थित यह ओवरब्रिज क्षेत्र के प्रमुख यातायात मार्गों में शामिल है। बताया जा रहा है कि पुल पर उसकी निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक भार वाले ट्रक और डंपर गुजर रहे हैं, जिससे संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज ने कहा कि सूचना मिलते ही पेट्रोलिंग टीम को मौके पर भेज दिया गया है। विशेषज्ञों की तकनीकी टीम पुल का निरीक्षण कर विस्तृत जांच करेगी। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर वाहनों की आवाजाही रोकने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।
गौरतलब है कि इस ओवरब्रिज का निर्माण निर्माण कंपनी PNC Infratech द्वारा लगभग 46 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। कंपनी ने निर्माण के बाद लोड टेस्टिंग पूरी होने का दावा किया था और 12 नवंबर 2022 को पुल को आम जनता के लिए खोल दिया गया था। इसके शुरू होने से कानपुर से हमीरपुर की ओर जाने वाले वाहनों को घाटमपुर कस्बे के भीतर प्रवेश किए बिना आवागमन की सुविधा मिली थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कानपुर-सागर हाईवे पर मोरंग और गिट्टी से लदे ओवरलोड ट्रकों का संचालन लंबे समय से जारी है। खनन और परिवहन विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई न होने से सड़कों और पुलों पर समय से पहले दबाव बढ़ रहा है, जिसका असर अब इस ओवरब्रिज पर भी दिखाई देने लगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते विस्तृत तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत नहीं की गई तो यह स्थिति बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें NHAI की जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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