होर्मुज जलडमरूमध्य पर UN प्रस्ताव को रूस-चीन का वीटो, वैश्विक तनाव और बढ़ा
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच United Nations में लाया गया होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का प्रस्ताव रूस और चीन के वीटो के कारण अटक गया है। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है और वैश्विक राजनीति के साथ-साथ ऊर्जा बाजार पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
Russia और China ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे एकतरफा कदम बताया। उनका कहना है कि इस तरह के प्रस्ताव क्षेत्रीय हालात को सुधारने के बजाय और अधिक जटिल बना सकते हैं। वहीं अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने इस पहल का समर्थन किया था, क्योंकि उनका मानना था कि इससे Strait of Hormuz में सुरक्षित जहाजरानी बहाल हो सकेगी।
यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल की बड़ी आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित करती है। पहले से ही Iran से जुड़े तनाव के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, और अब इस वीटो के बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम न केवल कूटनीतिक टकराव को गहरा करता है, बल्कि आने वाले दिनों में आर्थिक मोर्चे पर भी इसके दूरगामी असर पड़ सकते हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)