सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश: 3 महीने में बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार कैदियों की समयपूर्व रिहाई पर नीति बनाएं सभी राज्य

Saturday, July 18, 2026 - 22:47
Updated: 3 months ago
0
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश: 3 महीने में बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार कैदियों की समयपूर्व रिहाई पर नीति बनाएं सभी राज्य

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग, गंभीर रूप से बीमार, अशक्त और असाध्य रोगों से पीड़ित कैदियों की समयपूर्व रिहाई (Premature Release) के लिए तीन महीने के भीतर स्पष्ट नीति तैयार कर उसे अधिसूचित किया जाए।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि समयपूर्व रिहाई से जुड़े सभी आवेदनों का निस्तारण केवल e-Prisons Portal के माध्यम से किया जाए। अदालत ने निर्देश दिया कि आवेदन प्राप्त होने से लेकर मेडिकल जांच, जेल अधिकारियों की रिपोर्ट, मेडिकल बोर्ड की राय, समीक्षा समिति की सिफारिश और अंतिम निर्णय तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से दर्ज की जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए e-Prisons Portal में ऑटो अलर्ट और मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाए। साथ ही कैदियों की मेडिकल और व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाए।

अदालत ने केंद्र सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आवश्यक तकनीकी सहायता, सॉफ्टवेयर और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को छह महीने के भीतर अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी 2027 को निर्धारित की गई है।

अदालत का यह निर्देश संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार) की भावना के अनुरूप माना जा रहा है। इसका उद्देश्य पात्र कैदियों के मामलों में पारदर्शी, समयबद्ध और मानवीय प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User