हनीट्रैप में फंसे पटना के बड़े कारोबारी, मुजफ्फरपुर पुलिस ने बरामद किए रंगदारी के 20 लाख रुपये
मुजफ्फरपुर : जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पटना के एक बड़े होटल कारोबारी को हनीट्रैप का शिकार बनाकर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। खौफजदा कारोबारी ने अपराधियों के डर से 20 लाख रुपये की पहली किस्त अपराधियों तक पहुंचा भी दी थी। हालांकि, मुजफ्फरपुर पुलिस ने त्वरित और गुप्त कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर रंगदारी के इन 20 लाख रुपये को सकुशल बरामद कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र में अंजाम दी गई.
एडिटेड फोटो से ब्लैकमेल कर मांगी 1 करोड़ की रंगदारी: पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर के शातिर अपराधियों ने पटना के एक नामचीन होटल व्यवसायी को अपने जाल में फंसाया। अपराधियों ने कारोबारी की कुछ एडिटेड (फर्जी) तस्वीरें तैयार कीं और उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। मामले को रफा-दफा करने के एवज में अपराधियों ने पीड़ित कारोबारी से सीधे एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम की डिमांड की। बदनामी के डर से कारोबारी ने अपराधियों के बताए ठिकाने पर 20 लाख रुपये पहुंचा दिए। अपराधियों ने इस रकम को अहियापुर थाना क्षेत्र के एक सुरक्षित मकान में छिपाकर रख दिया था।
SSP के निर्देश पर सिटी एसपी ने संभाली कमान:
पैसे देने के बाद पीड़ित कारोबारी ने हिम्मत दिखाई और पूरे मामले की गुप्त सूचना मुजफ्फरपुर पुलिस को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर के एसएसपी (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। सिटी एसपी के नेतृत्व में टीम ने अहियापुर थाना क्षेत्र के संबंधित घर पर छापेमारी की। पुलिस ने मकान से रंगदारी के तौर पर दिए गए पूरे 20 लाख रुपये नकद बरामद कर लिए।
इनकम टैक्स विभाग को दी गई सूचना: सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने रंगदारी की बड़ी रकम को बरामद करने में सफलता पाई है। बरामद की गई रकम की जानकारी आधिकारिक तौर पर आयकर विभाग (Income Tax Department) को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर किस तरह से इस हनीट्रैप के खेल को रचा गया था। हालांकि, सुरक्षा और गोपनीयता के कारणों से पुलिस ने अभी कारोबारी की पहचान को उजागर नहीं किया है।
अपराधी अभिषेक और उसके गैंग की तलाश तेज: इस संबंध में टाउन सीडीपीओ विनीता सिन्हा ने बताया कि पटना के कारोबारी को एडिटेड फोटो के जरिए ब्लैकमेल करने और धमकी देने के पीछे अभिषेक नाम का अपराधी और उसके साथी शामिल हैं। अपराधियों के डर से कारोबारी ने खुद मुजफ्फरपुर के अहियापुर आकर उनके बताए स्थान पर पैसे छोड़े थे। सीडीपीओ ने बताया कि पीड़ित कारोबारी से लिखित शिकायत ले ली गई है और अहियापुर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की कवायद चल रही है। पुलिस की विशेष टीमें इस रैकेट में शामिल अभिषेक और उसके अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
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