'राम मंदिर से चीन तक' सामना में भाजपा पर शिवसेना (यूबीटी) का हमला, देशभक्ति और हिंदुत्व पर उठाए सवाल
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने मुखपत्र **'सामना'** के संपादकीय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए उसकी देशभक्ति और हिंदुत्व की राजनीति पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने राम मंदिर दान विवाद, चीन की कथित घुसपैठ, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर विपक्ष पर हमला करने और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चुप रहने का आरोप लगाया।
संपादकीय में शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि भाजपा का हिंदुत्व केवल "दिखावा" है और उसका आचरण "रावण के वंशजों" जैसा है। पार्टी ने लिखा कि भले ही भाजपा रावण को बुरा मानती हो, लेकिन रावण पाखंडी नहीं था और उसने भाजपा की तरह भगवान राम के मंदिर के दान-पात्रों से चोरी नहीं की थी।
### **राम मंदिर दान विवाद पर उठाए सवाल**
संपादकीय में आरोप लगाया गया कि अयोध्या के राम मंदिर में दान और सोने की कथित चोरी की चर्चा देशभर में हो रही है, लेकिन मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बजाय जांच की दिशा भटकाई जा रही है। पार्टी ने दावा किया कि आस्था से जुड़े मामलों का राजनीतिक लाभ उठाया जा रहा है और दोषियों को संरक्षण मिल रहा है।
### **चीन और सीमा विवाद का भी किया जिक्र**
शिवसेना (यूबीटी) ने अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में चीन की कथित घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया। संपादकीय में कहा गया कि सामाजिक कार्यकर्ता **सोनम वांगचुक** द्वारा लद्दाख में चीन की कथित घुसपैठ का मुद्दा उठाने पर उन्हें देशद्रोही बताया गया, जबकि अब अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले की सीमा पर रहने वाले 'नाह' आदिवासी समुदाय ने भी चीनी घुसपैठ का दावा किया है।
### **'विपक्ष तोड़ना ही क्या राष्ट्र सेवा है?'**
पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या विपक्षी दलों को तोड़ना और राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई करना ही राष्ट्र सेवा है। संपादकीय में आरोप लगाया गया कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा विवाद और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों पर पर्याप्त जवाब देने के बजाय राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने में व्यस्त है।
हालांकि, संपादकीय में लगाए गए आरोप **शिवसेना (यूबीटी) के राजनीतिक आरोप** हैं। इन दावों पर केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से इस संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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