भारत-ब्रिटेन एफटीए से मध्यस्थता और विवाद समाधान को मिलेगी नई दिशा : सीजेआई सूर्यकांत
लंदन। भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने भारत और ब्रिटेन के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह समझौता मध्यस्थता और सुलह जैसे वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्रों के विकास के लिए नई संभावनाएं खोलेगा।
लंदन में Indian Council of Arbitration द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीजेआई ने कहा कि जैसे-जैसे भारत और ब्रिटेन अपनी आर्थिक एवं व्यावसायिक साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं, वैसे-वैसे प्रभावी और विश्वसनीय विवाद समाधान तंत्र की आवश्यकता भी बढ़ रही है। उन्होंने समान अवसर सुनिश्चित करने और विवादों की प्रकृति, मूल्य तथा तात्कालिकता के अनुरूप प्रक्रियाएं अपनाने पर बल दिया।
“वैकल्पिक विवाद समाधान : भारत-ब्रिटेन आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने का उत्प्रेरक” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में सीजेआई ने कहा कि एफटीए दोनों देशों के बीच सहयोग को नई गति देगा और मध्यस्थता के क्षेत्र में सह-निर्माण तथा संस्थागत विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा।
इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने University of London के Birkbeck, University of London में “कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरराष्ट्रीय कानून” विषय पर भी व्याख्यान दिया। व्याख्यान के बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में एक प्रतिभागी ने भारत में असहमति को लेकर चिंता से जुड़ा सवाल उठाने का प्रयास किया। हालांकि, कार्यक्रम संचालक ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह प्रश्न कार्यक्रम के निर्धारित विषय से संबंधित नहीं है, इसलिए इसे नहीं लिया जाएगा।
घटना के बाद High Commission of India, London ने इस व्यवहार की आलोचना करते हुए इसे कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप नहीं बताया। वहीं, सम्मेलन में भारत-ब्रिटेन आर्थिक सहयोग, न्यायिक नवाचार और वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणालियों को मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा हुई।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0



