पीएम मोदी का तीन देशों का दौरा: इंडोनेशिया से रक्षा सहयोग पर शुरुआती बातचीत, ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम सप्लाई पर उम्मीद
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देना है। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री पिछले 40 वर्षों में न्यूजीलैंड की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने प्रेस वार्ता में बताया कि इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग दोनों देशों के रिश्तों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ब्रह्मोस मिसाइल समेत रक्षा सहयोग के मुद्दों पर बातचीत जारी है, लेकिन फिलहाल यह शुरुआती चरण में है। उन्होंने कहा कि दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा पर मुख्य रूप से जोर रहेगा।
ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (ओशिनिया) विश्वेश नेगी ने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच परमाणु ईंधन (यूरेनियम) आपूर्ति समझौता पहले से मौजूद है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस पर अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी। अब दोनों देशों के बीच इस विषय पर फिर से सकारात्मक और गंभीर चर्चा शुरू हुई है तथा जल्द ठोस परिणाम आने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री 10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया में तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे।
यात्रा के अंतिम चरण में 11 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती देने के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि ब्रह्मोस मिसाइल भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित की गई है। भारत इसे मित्र देशों को निर्यात करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को मजबूती मिलने के साथ वैश्विक रक्षा निर्यात बाजार में भारत की भूमिका भी बढ़ेगी।
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