कर्नाटक हाईकोर्ट से प्रज्वल रेवन्ना को बड़ा झटका, उम्रकैद रद्द करने की याचिका खारिज
नई दिल्ली (आरएनआई)। जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) से निष्कासित नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को कर्नाटक हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। दुष्कर्म के मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा के खिलाफ दायर उनकी याचिका को उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया।
प्रज्वल को इसी साल की शुरुआत में बेंगलूरू की अदालत ने 48 वर्षीय महिला मजदूर से दुष्कर्म के आरोप में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने सजा रद्द करने या सुनवाई पूरी होने तक अंतरिम जमानत देने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया।
हाईकोर्ट की जस्टिस केएस मुद्गल और जस्टिस वेंकटेश नाइक की खंडपीठ ने कहा कि मामले की गंभीरता और रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों के आधार पर प्रज्वल को किसी भी तरह की राहत देने का कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सजा सुनाए जाने के बाद अंतरिम जमानत के मानक बिल्कुल अलग होते हैं और दोषसिद्ध आरोपी को निर्दोष मानने का लाभ नहीं दिया जा सकता।
बता दें कि प्रज्वल रेवन्ना पर दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि इन मामलों में चल रही सुनवाई को देखते हुए किसी भी प्रकार की रिहाई उचित नहीं होगी।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)