वेनेजुएला में भूकंप के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई, अस्पतालों पर बढ़ा दबाव; संक्रामक बीमारियों का खतरा गहराया
वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों के लगभग एक सप्ताह बाद स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है। पहले से सीमित संसाधनों और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे अस्पताल अब अपनी क्षमता से अधिक मरीजों का इलाज कर रहे हैं। राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि प्रभावित इलाकों में भीड़भाड़, स्वच्छ पानी की कमी और खराब स्वच्छता के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भूकंप में अब तक 1,900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक मृतकों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि मलबे से लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं और मुर्दाघरों में जगह कम पड़ रही है।
सरकार ने बताया कि शुरुआती दो दिनों में 5,380 लोगों को जीवित बचाया गया था, लेकिन अब बचाव अभियान धीमा पड़ गया है। सोमवार को केवल चार लोगों को जीवित निकाला गया, जबकि मंगलवार तक मलबे से केवल एक छोटे बच्चे को सुरक्षित बचाया जा सका, जो छह दिनों तक गिरी हुई इमारत के नीचे फंसा रहा।
आपदा के बाद हजारों लोग बेघर हो गए हैं और खुले आसमान, पार्कों तथा अस्थायी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि भीड़भाड़ और अस्वच्छ परिस्थितियों के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरे लगातार बढ़ रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता क्रिश्चियन लिंडमेयर ने कहा कि वर्षों से आर्थिक संकट और स्वास्थ्य क्षेत्र में कम निवेश के कारण वेनेजुएला की चिकित्सा व्यवस्था पहले ही कमजोर थी। भूकंप के बाद अचानक बढ़े गंभीर घायलों की संख्या ने अस्पतालों पर अभूतपूर्व दबाव डाल दिया है।
वहीं संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी की प्रवक्ता कार्लोटा वोल्फ ने बताया कि अधिकारियों के अनुसार 15,800 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग अब भी भोजन, स्वच्छ पेयजल और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। राजधानी काराकास के निकट स्थित ला गुएरा राज्य सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है, जहां राहत और पुनर्वास कार्य तेज़ी से जारी हैं।
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