यूपी में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी बढ़ी, नए वोटरों में 35% की भागीदारी; आंकड़ों के सत्यापन की तैयारी
लखनऊ। (आरएनआई) उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची के विश्लेषण में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी बढ़ने के संकेत मिले हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राज्य में मुस्लिम मतदाताओं का प्रतिशत लगभग 18.6 से बढ़कर 19.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वहीं नए जुड़े मतदाताओं में करीब 35 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय से बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, मतदाता सूची के आंकड़ों का उच्च स्तर पर विश्लेषण किया जा रहा है। कई आयु वर्गों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या उनके अनुमानित जनसंख्या अनुपात से अधिक दर्ज होने की बात सामने आई है। विशेष रूप से 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग में मुस्लिम मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत तथा 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग में करीब 22 प्रतिशत बताई जा रही है।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आबादी लगभग 19.3 प्रतिशत थी, जबकि कुल अल्पसंख्यक आबादी 20.3 प्रतिशत दर्ज की गई थी। हालांकि, चुनाव आयोग धार्मिक आधार पर मतदाताओं का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं करता है। इसलिए वर्तमान दावे विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक अध्ययनों तथा मतदाता सूची के विश्लेषण पर आधारित बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, नए मतदाता बनने के लिए भरे गए फॉर्म-6 में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही है। इसी कारण नए वोटरों में उनकी हिस्सेदारी अपेक्षाकृत अधिक दिखाई दे रही है। साथ ही मतदाता सूची में दर्ज विवरणों की जांच के दौरान दूसरे राज्यों से जुड़े रिश्तों और दस्तावेजों की भी व्यापक स्तर पर मिलान प्रक्रिया की जा रही है।
राजनीतिक हलकों में इन आंकड़ों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न दल आगामी चुनावी रणनीति के लिए मतदाता सूची के नए स्वरूप और सामाजिक समीकरणों का अध्ययन कर रहे हैं। वहीं प्रशासनिक स्तर पर मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन और विश्लेषण की प्रक्रिया जारी है।
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