मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण

Wednesday, April 29, 2026 - 19:43
Updated: 6 months ago
0
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण

गुना (आरएनआई) डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में संचालित गेहूँ उपार्जन केन्द्रों का आगामी दिनों में आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा। मुख्यमंत्री किसी भी समय, कहीं भी हेलीकॉप्टर से उतरकर उपार्जन केन्द्रों का जायजा ले सकते हैं तथा किसानों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानेंगे। निरीक्षण के दौरान वे यह सुनिश्चित करेंगे कि शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएँ किसानों को समय पर एवं सुचारु रूप से उपलब्ध हो रही हैं या नहीं।

प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केन्द्रों पर व्यापक व्यवस्थाएँ की गई हैं। किसानों के लिए पेयजल, छायादार बैठने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक जनसुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही किसानों को अपनी उपज बेचने में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर गेहूँ विक्रय की सुविधा दी गई है।

तौल प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने के लिए प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है तथा आवश्यकता अनुसार इनकी संख्या और बढ़ाने की अनुमति जिलों को प्रदान की गई है। गेहूँ के एफएक्यू मापदंडों में भी शिथिलता दी गई है, जिसके तहत चमक विहीन गेहूँ की सीमा 50 प्रतिशत, सूकड़े दाने की सीमा 10 प्रतिशत तथा क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत तक निर्धारित की गई है।

उपार्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए केन्द्रों पर बारदाना, तौल कांटे, हम्माल-तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण तथा उपज की साफ-सफाई हेतु आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही उपार्जन क्षमता को बढ़ाते हुए प्रति केन्द्र स्लॉट बुकिंग की सीमा 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दी गई है, जिसे आवश्यकता अनुसार 3000 क्विंटल तक बढ़ाया जा सकता है।

किसानों से गेहूँ की खरीदी 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों की सुविधा को देखते हुए प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य निरंतर जारी रहेगा।

जिला प्रशासन द्वारा सभी उपार्जन केन्द्रों पर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। किसानों से अपील है कि वे निर्धारित स्लॉट के अनुसार उपार्जन केन्द्रों पर पहुँचकर अपनी उपज का विक्रय करें और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएँ।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User