पश्चिम एशिया तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर पार
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी बयानबाजी ने निवेशकों में चिंता बढ़ा दी है, जिससे ब्रेंट क्रूड वायदा भाव 0.60 प्रतिशत गिरकर 112.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
तेल बाजार में उतार-चढ़ाव तब और बढ़ गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दो दिन के भीतर खोलने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो ईरान के पावर प्लांट्स पर संभावित कार्रवाई की जा सकती है। इसके जवाब में ईरान ने चेताया कि अगर उसके ठिकानों पर हमला हुआ तो वह इस अहम समुद्री मार्ग को पूरी तरह बंद कर सकता है और ऊर्जा, आईटी तथा जल आपूर्ति ढांचे को निशाना बना सकता है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने क्षेत्र में अतिरिक्त मरीन और नौसैनिक बल भेजे हैं, जिससे तनाव और बढ़ गया है और वैश्विक वित्तीय बाजारों पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने 2026 के लिए कच्चे तेल की कीमतों का अनुमान बढ़ा दिया है। बैंक ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने से यह वैश्विक क्रूड बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा सप्लाई शॉक बन सकता है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, 2026 में ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत अब 85 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जो पहले के 77 डॉलर के अनुमान से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। वहीं, WTI (वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट) का अनुमान भी बढ़ाकर 79 डॉलर प्रति बैरल कर दिया गया है, जो पहले 72 डॉलर था।
यह स्थिति दर्शाती है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है और निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)