न्यायपालिका आम लोगों के लिए भी सुलभ होनी चाहिए : सीजेआई सूर्यकांत

Jun 7, 2026 - 12:41
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न्यायपालिका आम लोगों के लिए भी सुलभ होनी चाहिए : सीजेआई सूर्यकांत

लंदन। भारत के मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने कहा है कि न्यायपालिका का दायित्व केवल अधिकारों की रक्षा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि न्याय आम लोगों की पहुंच में हो। उन्होंने कहा कि यदि अदालतें केवल उन लोगों के अधिकारों की रक्षा करें जो लंबी कानूनी लड़ाई का खर्च उठा सकते हैं, तो वे अपने संवैधानिक दायित्व का पूर्ण निर्वहन नहीं कर रही होंगी।

लंदन स्थित Queen Mary University of London में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने न्यायपालिका, न्याय तक पहुंच, तकनीक और कानूनी पेशे के भविष्य जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था तभी प्रभावी मानी जा सकती है जब उसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका की भूमिका पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था को जनता का विश्वास स्वतः प्राप्त नहीं होता। यह विश्वास पारदर्शिता, निरंतरता और अपनी गलतियों को स्वीकार कर उन्हें सुधारने की क्षमता से अर्जित किया जाता है।

सीजेआई ने कहा, “न्यायपालिका की वास्तविक ताकत इस बात में नहीं है कि वह स्वयं को कभी गलत न माने, बल्कि इस बात में है कि वह सीखने, आत्ममंथन करने और सुधार के लिए सदैव तैयार रहे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि मजबूत संस्थाएं वही होती हैं जो समय के साथ खुद को बेहतर बनाती हैं और जनता के प्रति अपनी जवाबदेही बनाए रखती हैं।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने न्यायिक सुधार, प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रभाव और भविष्य की कानूनी चुनौतियों से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे, जिनका सीजेआई ने विस्तार से उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक न्याय तक पहुंच को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, बशर्ते उसका उपयोग संतुलित और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से किया जाए।

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