जिला उपभोक्ता आयोग, गुना ने बीमा कंपनी को दिया 4.21 लाख रुपये भुगतान का आदेश
गुना(आरएनआई)जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, गुना (म.प्र.) ने परिवाद क्रमांक 329/2023 में महत्वपूर्ण निर्णय पारित करते हुए बीमा कंपनी को बीमा दावा राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है।
प्रकरण में परिवादिनी श्रीमती तुलसी मानकर, निवासी लालघाटी, शाजापुर (म.प्र.) द्वारा अपने स्वर्गीय पति अशोक मानकर की मृत्यु उपरांत बीमा दावा राशि न दिए जाने के संबंध में अपने अधिवक्ता डॉ. पुष्पराग के माध्यम सेवशिकायत प्रस्तुत की गई थी। परिवादिनी के अनुसार उनके पति ने दिनांक 20.07.2020 को बैंक से ₹4,38,239/- का व्यक्तिगत ऋण लिया था, जिसके साथ मास्टर बीमा पॉलिसी क्रमांक 2999202122590400 के अंतर्गत बीमा कवर लिया गया था। बीमा प्रमाण पत्र दिनांक 22.07.2020 से 21.07.2024 तक प्रभावशील था तथा क्रेडिट शील्ड बीमा राशि ₹4,21,761/- निर्धारित थी।
दिनांक 17.06.2023 को अशोक मानकर की मृत्यु हो जाने पर परिवादिनी द्वारा बीमा कंपनी के समक्ष दावा प्रस्तुत किया गया, किंतु बीमा कंपनी ने आवश्यक दस्तावेजों के अभाव का हवाला देते हुए दावा निरस्त कर दिया।
आयोग ने दोनों पक्षों के तर्कों एवं अभिलेखों का परीक्षण करने के पश्चात यह पाया कि बीमा पॉलिसी वैध थी, प्रीमियम जमा था तथा मृत्यु तथ्य विवादित नहीं था। आयोग ने यह भी माना कि बीमा कंपनी द्वारा दावा अस्वीकार किया जाना सेवा में कमी (Deficiency in Service) की श्रेणी में आता है।
आयोग का आदेश
आयोग ने अपने आदेश में बीमा कंपनी को निर्देशित किया कि:
परिवादिनी को ₹4,21,761/- (चार लाख इक्कीस हजार सात सौ इकसठ रुपये) की बीमा राशि दो माह के भीतर अदा की जाए।
उक्त राशि पर परिवाद प्रस्तुत दिनांक 20.10.2023 से भुगतान की तिथि तक 7% वार्षिक साधारण ब्याज दिया जाए।
मानसिक परेशानी हेतु ₹5,000/- तथा वाद व्यय एवं अधिवक्ता शुल्क हेतु ₹5,000/- (कुल ₹10,000/-) का अतिरिक्त भुगतान किया जाए।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि भुगतान की गई राशि में से पहले बैंक की शेष बकाया राशि समायोजित की जाएगी, शेष राशि परिवादिनी को दी जाएगी।
यह आदेश अध्यक्ष श्री सुरेश कुमार चौबे एवं सदस्य श्रीमती शबीना अली द्वारा पारित किया गया।
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