फारूक अब्दुल्ला की मांग: मजदूरों और पुलिसकर्मी के हत्यारों के नाम किए जाएं सार्वजनिक
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कुलगाम में दो प्रवासी मजदूरों और अनंतनाग में एक पुलिसकर्मी की हत्या करने वालों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि इन हत्याओं के पीछे कौन लोग हैं।
अनंतनाग के बिजबेहरा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने सवाल उठाया कि जब सभी सीमाएं सील होने का दावा किया जा रहा है, तो आतंकी आखिर कहां से आ रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि हत्यारों की पहचान सार्वजनिक होना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घाटी में आतंकवाद खत्म होने के दावों की वास्तविक स्थिति क्या है। उनके मुताबिक, पूरी दुनिया को यह पता चलना चाहिए कि इन घटनाओं को अंजाम देने वाले लोग कौन हैं।
फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की भी मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर की स्थिति प्रभावित हुई है और केंद्र शासित प्रदेश बनने से क्षेत्र को नुकसान हुआ है।
उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के हालात पर भी चिंता जताते हुए कहा कि वहां रहने वाले लोग भी हमारे भाई हैं। साथ ही संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से वहां की स्थिति का आकलन करने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की अपील की।
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