कानपुर किडनी कांड: 43 लाख लेकर ट्रांसप्लांट से मुकरे आरोपी, नेटवर्क का नया वीडियो आया सामने
कानपुर: उत्तर प्रदेश के Kanpur में सामने आए चर्चित किडनी कांड में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस मामले में पंजाब के तरनतारन निवासी मनजिंदर सिंह ने आरोप लगाया है कि Ahuja Hospital के संचालकों ने किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर उनसे 43 लाख रुपये ठग लिए, लेकिन ऑपरेशन नहीं किया।
पुलिस को जेल भेजे गए आरोपी शिवम अग्रवाल के मोबाइल से मनजिंदर का एक वीडियो मिला है, जिसमें वह अपनी आपबीती बताते नजर आ रहे हैं। मनजिंदर के अनुसार, उनकी किडनी खराब है और वह लंबे समय से डायलिसिस पर हैं। इसी दौरान उनकी मुलाकात कुछ लोगों से हुई, जिन्होंने उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट कराने का भरोसा दिलाया।
आरोप है कि इस नेटवर्क में शामिल लोगों ने अलग-अलग किश्तों में उनसे 43 लाख रुपये वसूले। पीड़ित ने यह रकम उधार लेकर जुटाई थी। इसके बावजूद हर बार उन्हें टाल दिया गया और ट्रांसप्लांट नहीं किया गया। अब पीड़ित का कहना है कि वह आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि गाजियाबाद का शातिर अपराधी परवेज सैफी इस पूरे रैकेट को लॉजिस्टिक सपोर्ट देता था। वह आरोपियों को ट्रांसप्लांट के लिए गाड़ियां उपलब्ध कराता था और मरीजों को लाने-ले जाने में मदद करता था। पुलिस के मुताबिक, वह पहले भी लूट और डकैती के मामलों में जेल जा चुका है।
इसके अलावा मेरठ का अंकित नामक व्यक्ति भी इस नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है, जो अलग-अलग नामों से वाहनों की बुकिंग करता था और गिरोह के सदस्यों को सुविधाएं उपलब्ध कराता था। इस गिरोह में कई डॉक्टरों और अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच चल रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीमें अलग-अलग राज्यों में दबिश दे रही हैं। एक टीम आरोपी डॉक्टर की तलाश में दिल्ली पहुंची थी, जिसे अब चंडीगढ़ भेजा गया है ताकि पीड़ित और अन्य जुड़े लोगों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
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