खरगे के बयान पर प्रियांक का बचाव, भाजपा को पुराने बयानों की याद दिलाई
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद के बीच उनके बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने उनका बचाव किया है। प्रियांक ने कहा कि पटना में भाषण के दौरान एक भाजपा समर्थक ने पहले उनके पिता को उकसाया था, जिसके जवाब में उन्होंने यह टिप्पणी की। उन्होंने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को अपने नेताओं के पुराने बयानों को भी याद करना चाहिए।
यह विवाद 25 अक्टूबर को पटना में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। भाषण देते समय मल्लिकार्जुन खरगे को एक व्यक्ति ने टोकते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सत्ता से नहीं जाएंगे। इसके जवाब में खरगे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई और कांग्रेस अध्यक्ष से माफी की मांग की।
प्रियांक खरगे ने कहा कि उनके पिता की टिप्पणी को उसके पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, सामने बैठे व्यक्ति ने पहले कहा था कि खरगे और उनके पिता भी प्रधानमंत्री मोदी का कुछ नहीं बिगाड़ सकते। प्रियांक ने दावा किया कि उनके पिता ने उसी के जवाब में यह बात कही थी। उन्होंने भाजपा नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक बहस में इस्तेमाल होने वाली भाषा को लेकर भाजपा अलग-अलग मानदंड अपनाती है।
प्रियांक ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी व्यवस्था ने छोटे व्यापारियों और खुदरा कारोबारियों को नुकसान पहुंचाया है। उनका कहना था कि छोटे कारोबारियों की समस्याओं और जीएसटी को सरल बनाने की मांग पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर प्रियांक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि मतदाता सूची के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलाव किसने अधिकृत किए, फॉर्म-7 की बड़ी संख्या में छपाई क्यों हो रही है और चुनाव संबंधी सॉफ्टवेयर में बदलाव की अनुमति किसने दी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को मिली कानूनी सुरक्षा पर भी सवाल उठाए। ये आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं; इनसे संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
इस बीच, भाजपा ने मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को प्रधानमंत्री और उनके परिवार का अपमान बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष की भाषा की आलोचना की है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर विवाद को बढ़ाने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों से ध्यान हटाने का आरोप लगाया है।
इस तरह एक राजनीतिक कार्यक्रम में हुई तीखी बहस अब व्यक्तिगत टिप्पणी, जीएसटी, छोटे कारोबारियों और चुनावी पारदर्शिता जैसे मुद्दों तक पहुंच गई है। जहां भाजपा खरगे से माफी की मांग कर रही है, वहीं प्रियांक खरगे ने अपने पिता के बयान का बचाव करते हुए केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग से जुड़े सवालों के जवाब मांगे हैं।
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