‘हमारा आंदोलन होकर रहेगा’: प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर अभिजीत दीपके ने केंद्र पर साधा निशाना, मेट्रो और ट्रेनों पर भी उठाए सवाल
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और ट्रेनों के रद्द होने को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन होकर रहेगा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया है।
अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी अपने आंदोलन को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। सीजेपी का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
प्रदर्शन से पहले दिल्ली आने वाली कुछ ट्रेनों को रद्द किए जाने और मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश तथा निकास द्वार बंद करने के प्रस्ताव को लेकर भी विवाद बढ़ गया है। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का प्रस्ताव डीएमआरसी को भेजा था। इस प्रस्ताव को लेकर यात्रियों की सुविधा और सार्वजनिक परिवहन के संचालन पर सवाल उठ रहे हैं।
सीजेपी ने इन कदमों को प्रदर्शन से जुड़ी परिस्थितियों के संदर्भ में उठाया है और केंद्र सरकार की आलोचना की है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से किए जा रहे उपायों के बीच मेट्रो और रेल सेवाओं को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में 10 अक्टूबर के प्रदर्शनों से पहले मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाने का निर्देश दिया है। अदालत ने अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए सेवाओं को उचित रूप से नियंत्रित करने और यात्रियों को समय रहते जानकारी देने को कहा है। ऐसे में मेट्रो और रेल सेवाओं के संचालन को लेकर संबंधित अधिकारियों के अंतिम फैसलों पर यात्रियों की नजर रहेगी।
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