बच्चों की मांगों को डंडा मारकर सुनना सही नहीं: छात्र आंदोलन पर बोले जोशी; सीईसी विवाद पर कही ये बड़ी बात
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर। वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने छात्र आंदोलनों और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखते हुए कहा कि बच्चों की मांगों को बल प्रयोग के जरिए दबाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों की बात सुनकर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।
नई शिक्षा नीति को लेकर जोशी ने कहा कि इसे लागू हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है। ऐसे में इसके परिणामों का आकलन करना और इस पर कोई अंतिम टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में बदलावों के प्रभाव को समझने के लिए पर्याप्त समय दिए जाने की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन के सवाल पर जोशी ने लोकतंत्र की बुनियादी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव, जवाबदेह सरकार और पारदर्शी नौकरशाही लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी हैं। चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का समाधान संस्थागत और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए।
बता दें कि हाल के दिनों में विपक्षी दल और छात्र संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
जोशी के बयान ऐसे समय आए हैं, जब छात्रों के आंदोलन और चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। उन्होंने अपने वक्तव्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद, निष्पक्ष चुनाव और जवाबदेही को महत्वपूर्ण बताते हुए मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर जोर दिया।
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