सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने छोड़ी तृणमूल, भाजपा और टीएमसी दोनों पर साधा निशाना
Chandra Kumar Bose ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से इस्तीफा देकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अप्रैल में पार्टी में शामिल होने के महज चार महीने बाद उन्होंने टीएमसी का साथ छोड़ते हुए कहा कि मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों से उनका मोहभंग हो चुका है।
चंद्र कुमार बोस ने इस्तीफे के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों दलों की राजनीति में उन्हें कोई विशेष अंतर नजर नहीं आता। उन्होंने दोनों पार्टियों को "एक ही सिक्के के दो पहलू" बताते हुए कहा कि अब वह ऐसी राजनीति का हिस्सा नहीं रहना चाहते, जो उनके सिद्धांतों से मेल नहीं खाती।
इससे पहले चंद्र कुमार बोस करीब सात वर्षों तक भाजपा से जुड़े रहे थे। भाजपा छोड़ने के बाद उन्होंने अप्रैल में तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था, लेकिन वहां भी उनका राजनीतिक सफर ज्यादा लंबा नहीं चला।
चंद्र कुमार बोस ने कहा कि उन्होंने All India Forward Bloc, भाजपा और तृणमूल कांग्रेस—तीनों दलों में काम किया है, लेकिन अब वह मुख्यधारा की राजनीति से निराश हैं। उनका कहना है कि उनकी राजनीति Subhas Chandra Bose के समावेशी राष्ट्रवाद, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में वह नेताजी की विचारधारा को केंद्र में रखकर एक नए राजनीतिक मंच के गठन की दिशा में काम कर सकते हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)