साइबर पुलिस थानों में ‘फ्रीज अकाउंट’ बना कमाई का जरिया, पीड़ितों से हो रही जमकर वसूली
नागपुर (आरएनआई) नागपुर में साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बीच एक चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है, जहां अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर आम लोगों को ही परेशान किया जा रहा है। ऑनलाइन फ्रॉड की जांच के दौरान जिन खातों में संदिग्ध लेन-देन पाया जाता है, उन्हें साइबर पुलिस द्वारा फ्रीज कर दिया जाता है। लेकिन इन खातों को दोबारा चालू कराने की प्रक्रिया अब भ्रष्टाचार का अड्डा बनती जा रही है।
पीड़ितों का आरोप है कि साइबर पुलिस थानों में तैनात कुछ कर्मचारी खातों को अनफ्रीज करने के बदले मोटी रकम की मांग करते हैं। बिना पैसे दिए न तो उनकी बात सुनी जाती है और न ही कोई कार्रवाई आगे बढ़ती है। कई मामलों में तो लोगों को बार-बार थाने के चक्कर कटवाए जाते हैं, जिससे वे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो जाते हैं।
एक पीड़ित ने बताया कि उसका खाता अचानक फ्रीज कर दिया गया, जिसमें उसकी सैलरी जमा थी। जब वह नागपुर साइबर थाने पहुंचा तो एक कर्मचारी ने खाता चालू करने के लिए 10,000 रुपये की मांग की। मना करने पर उसे टाल दिया गया, लेकिन बाद में “फर्जी” कारण बताकर उसका खाता अनफ्रीज कर दिया गया। ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जो इस पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करते हैं।
दुकानदार भी इस समस्या से अछूते नहीं हैं। डिजिटल पेमेंट लेने वाले छोटे व्यापारियों के खाते भी फ्रीज किए जा रहे हैं, जिससे उनका कामकाज ठप हो रहा है। कई दुकानदारों ने बताया कि मामूली ट्रांजैक्शन के कारण उनके खाते बंद कर दिए गए और उन्हें चालू कराने के लिए पैसे मांगे गए। अधिकारियों की अनदेखी के कारण निचले स्तर पर यह खेल खुलेआम चल रहा है।
एक अन्य मामले में, सीताबर्डी निवासी सुमित जुरनर ने बताया कि लोन न मिलने पर उसने अपने परिचित की मदद से वाहन खरीदा, लेकिन बाद में उसके खाते से जुड़ा मामला फ्रॉड बताकर फ्रीज कर दिया गया। जब वह शिकायत लेकर पहुंचा तो पहले लाखों रुपये की मांग की गई, फिर रकम कम कर दी गई, लेकिन अंत में उसे गालियां देकर भगा दिया गया।
इन घटनाओं से साफ है कि साइबर अपराध से निपटने के नाम पर आम नागरिकों को ही शोषण का शिकार बनाया जा रहा है। जरूरत इस बात की है कि उच्च अधिकारी इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि लोगों का भरोसा व्यवस्था पर बना रह सके।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)