यूपी बीजेपी की नई टीम में सामाजिक समीकरण पर जोर, OBC और ब्राह्मण प्रतिनिधित्व से साधा चुनावी संतुलन
उत्तर प्रदेश भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में 64 सदस्यीय नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। नई टीम में युवाओं, महिलाओं और क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों पर विशेष ध्यान दिया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर खासतौर पर ओबीसी और ब्राह्मण समुदाय को दी गई प्रमुख भागीदारी पर है, जिसे आगामी चुनावों के मद्देनजर अहम रणनीति माना जा रहा है।
नई कार्यकारिणी में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को मिला है। कुल 64 पदाधिकारियों में 29 ओबीसी समुदाय से हैं, जो लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा है। छह क्षेत्रीय अध्यक्षों में से चार ओबीसी वर्ग से बनाए गए हैं। जाट, कुर्मी, यादव, पाल, गुर्जर, शाक्य और लोधी समेत कई पिछड़ी जातियों को प्रतिनिधित्व दिया गया है, जबकि कुशवाहा, निषाद, मौर्य, राजभर, विश्वकर्मा, सैनी, बिंद, तेली, चौरसिया और अन्य समुदायों को भी शामिल किया गया है।
भाजपा ने इस बार भी गैर-यादव ओबीसी समुदाय पर विशेष फोकस किया है। नई टीम में केवल दो यादव नेताओं को जगह मिली है, जबकि गैर-यादव और अति पिछड़े वर्ग के 27 नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी दी गई है। इसे उन सामाजिक वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिनके एक हिस्से का समर्थन पिछले लोकसभा चुनाव में विपक्ष की ओर गया था।
नई कार्यकारिणी में ब्राह्मण समुदाय को भी सबसे अधिक प्रतिनिधित्व दिया गया है। पार्टी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के साथ संगठन को मजबूत करने की कोशिश की है। पिछली टीम की तुलना में आधे से अधिक पदाधिकारियों को बदला गया है और नए चेहरों को मौका दिया गया है, जिससे संगठन में नई ऊर्जा लाने का प्रयास किया गया है।
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