भारत–अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस का तीखा हमला, बोली—यह डील नहीं, देश के लिए परेशानी
नई दिल्ली (आरएनआई)। भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। अमेरिकी Supreme Court of the United States द्वारा पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के व्यापक वैश्विक टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल्दबाजी में भारत को एकतरफा और असंतुलित व्यापार समझौते में फंसा दिया।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि इतने बड़े स्तर पर वैश्विक टैरिफ लगाने का अधिकार सीधे राष्ट्रपति को नहीं है। अदालत के इस निर्णय के बाद भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। Indian National Congress ने इस फैसले को भारत–अमेरिका व्यापार समझौते से जोड़ते हुए कहा कि अगर सरकार थोड़ा धैर्य रखती और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करती, तो भारत को ऐसी एकतरफा शर्तों वाले समझौते का सामना नहीं करना पड़ता।
कांग्रेस का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच हुआ यह अंतरिम व्यापार समझौता वास्तव में “डील” नहीं, बल्कि देश के लिए “ओरडील” यानी परेशानी साबित हो रहा है। पार्टी का आरोप है कि यह समझौता मजबूरी और जल्दबाजी में किया गया, जिसमें भारत के दीर्घकालिक आर्थिक हितों की अनदेखी हुई है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इस समझौते से भारतीय किसानों और घरेलू बाजार को नुकसान हो सकता है, साथ ही यह देश की आर्थिक संप्रभुता पर भी सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि 2 फरवरी 2026 की रात अमेरिका की ओर से भारत–अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा अचानक कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि उसी दिन लोकसभा में दोपहर के समय क्या घटनाक्रम हुआ, जिसके चलते प्रधानमंत्री को व्हाइट हाउस से इस तरह की घोषणा करवानी पड़ी। कांग्रेस का कहना है कि यह समझौता न तो पारदर्शी है और न ही संतुलित, बल्कि यह दबाव में लिया गया फैसला प्रतीत होता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप ने बयान देते हुए कहा कि भारत के साथ व्यापार डील जारी रहेगी और इसमें कुछ भी नहीं बदलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत टैरिफ देगा और अमेरिका नहीं देगा। ट्रंप ने यह दावा भी किया कि भारत ने उनके अनुरोध पर रूस से तेल खरीद में कमी की है। हाल ही में अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की थी।
अंतरिम व्यापार ढांचे के तहत अब अमेरिका भारत से आयात पर 18 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ वसूल करेगा। इससे पहले रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया गया था। ट्रंप ने यह दावा भी किया कि टैरिफ नीति के जरिए उन्होंने भारत–पाकिस्तान के बीच संभावित संघर्ष को रोका। कांग्रेस ने इन दावों को महज राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है। कुल मिलाकर भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर संसद और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने के आसार हैं।
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