पश्चिम एशिया तनाव का असर: गैस संकट से बदले होटलों के मेन्यू, गुजरात में उद्योगों की गैस आपूर्ति में कटौती
नई दिल्ली (आरएनआई)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत में एलपीजी आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। कई राज्यों में वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की कमी के कारण होटल और रेस्तरां अपने संचालन में बदलाव कर रहे हैं। वहीं गुजरात में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए औद्योगिक गैस आपूर्ति में कटौती की गई है।
पुदुचेरी में बदले होटलों के मेन्यू
पुदुचेरी के कई होटलों ने गैस की कमी के चलते कम ईंधन वाले मेन्यू अपनाना शुरू कर दिया है। एक होटल संचालक ने बताया कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की कमी को देखते हुए अब शाम चार बजे से सात बजे के बीच ही कॉफी, चाय और जूस जैसे सीमित आइटम बेचे जा रहे हैं। पहले यहां टिफिन आइटम भी उपलब्ध रहते थे।
एलपीजी डीलरों के अनुसार केंद्र सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता पर गैस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसी वजह से वाणिज्यिक सिलेंडरों की रिफिलिंग में देरी हो रही है। कई होटल संचालकों ने बताया कि उन्हें जरूरत के मुकाबले आधे सिलेंडर ही मिल पा रहे हैं, जिससे भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
गुजरात में उद्योगों की गैस आपूर्ति घटी
गुजरात सरकार ने घरेलू गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उद्योगों को मिलने वाली गैस में करीब 50 प्रतिशत कटौती की है। राज्य के ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि घरों में खाना पकाने वाली गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने बताया कि उर्वरक और दूध प्रसंस्करण जैसे कुछ क्षेत्रों में गैस आपूर्ति लगभग 40 प्रतिशत तक घटाई गई है। हालांकि उन्होंने राजकोट से वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों पर पूर्ण प्रतिबंध की खबरों का खंडन किया।
ओडिशा के होटल कारोबारियों की चिंता
इस बीच ओडिशा होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जेके मोहंती ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर कहा कि गैस की कमी से होटल उद्योग के संचालन में गंभीर बाधाएं आ रही हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कई होटल बंद हो सकते हैं, बुकिंग रद्द हो सकती हैं और पर्यटन क्षेत्र को नुकसान पहुंच सकता है। एसोसिएशन ने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट उद्योग हजारों लोगों को रोजगार देता है, इसलिए एलपीजी की नियमित आपूर्ति बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया का संकट लंबा खिंचता है तो भारत में गैस और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव और बढ़ सकता है, जिससे उद्योग और सेवा क्षेत्र दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
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