टेलीग्राम विवाद पर पावेल दुरोव के आरोपों से मची हलचल, जियो और मेटा का भी लिया नाम
नई दिल्ली.(आरएनआई) भारत में टेलीग्राम पर लगाए गए कथित अस्थायी प्रतिबंध को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। टेलीग्राम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पावेल दुरोव ने सोशल मीडिया पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। साथ ही उन्होंने रिलायंस जियो और मेटा का भी उल्लेख किया, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्मों के बीच प्रतिस्पर्धा और इंटरनेट गवर्नेंस को लेकर बहस तेज हो गई है।
दुरोव ने दावा किया कि कुछ उपयोगकर्ताओं द्वारा परीक्षा से संबंधित कथित लीक सामग्री साझा किए जाने के बाद टेलीग्राम पर कार्रवाई की गई, जिसका असर बड़ी संख्या में सामान्य उपयोगकर्ताओं पर पड़ा। उनके अनुसार, ऐसे कदमों से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता और संबंधित गतिविधियां अन्य प्लेटफॉर्मों पर स्थानांतरित हो सकती हैं।
केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्रों की बिक्री और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर रोक लगाने के उद्देश्य से कार्रवाई की गई। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्मों का दुरुपयोग रोकना आवश्यक है ताकि परीक्षाओं की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विवाद उस समय और गहरा गया जब दुरोव ने रिलायंस जियो पर कथित रूप से नेटवर्क स्तर पर हस्तक्षेप करने के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ तकनीकी गतिविधियों के कारण भारत के बाहर भी टेलीग्राम सेवाएं प्रभावित हुईं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
दुरोव ने अपने बयान में मेटा और व्हाट्सऐप का भी उल्लेख किया तथा संकेत दिया कि टेलीग्राम के खिलाफ बढ़ते दबाव के पीछे कारोबारी प्रतिस्पर्धा एक कारण हो सकती है। हालांकि उन्होंने इस संबंध में कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।
रिलायंस जियो और मेटा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तकनीकी और नियामकीय तथ्यों की स्वतंत्र जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
फिलहाल यह मामला डिजिटल स्वतंत्रता, ऑनलाइन सुरक्षा, प्लेटफॉर्म जवाबदेही और कॉरपोरेट प्रतिस्पर्धा से जुड़ी बहसों के केंद्र में बना हुआ है।
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