टीएमसी का दावा: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची गड़बड़ी से तनाव, दो लोगों ने की खुदकुशी; एसआईआर पर उठे सवाल
कोलकाता (आरएनआई)। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में नाम न होने या गड़बड़ी के कारण दो लोगों द्वारा कथित रूप से आत्महत्या किए जाने के मामलों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने इन घटनाओं के लिए चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जानकारी के मुताबिक, जलपाईगुड़ी और दक्षिण 24 परगना जिलों में दो लोगों ने कथित तौर पर अपनी जान दे दी। बताया जा रहा है कि एसआईआर के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची में नाम को लेकर हुई गड़बड़ी के कारण वे मानसिक तनाव में थे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, 44 वर्षीय रफीक अली गाजी बुधवार सुबह दक्षिण 24 परगना के घोलपारा स्थित अपने घर में फंदे से लटके मिले। मतदाता सूची में उनका नाम ‘अंडर एडजुडिकेशन’ (जांच के अधीन) श्रेणी में दर्ज था। परिजनों का दावा है कि इस स्थिति को देखने के बाद वे गहरे मानसिक तनाव में थे।
सत्ताधारी टीएमसी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे दुखद घटना करार दिया और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग मिलकर गरीब और वास्तविक मतदाताओं को मतदान से वंचित करने की साजिश कर रहे हैं। पार्टी ने कहा कि वह राज्य के लोगों के साथ खड़ी है और इस कथित अन्याय के खिलाफ हरसंभव लड़ाई लड़ेगी।
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने 2 मार्च को दावा किया था कि 28 फरवरी के बाद से राज्य में दो लोगों की मौत हुई है। पार्टी का यह भी आरोप है कि नवंबर से अब तक एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े तनाव के कारण 110 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
हालांकि, इन दावों पर चुनाव आयोग या भाजपा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है और विपक्ष तथा सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
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