गुना-शिवपुरी-अशोकनगर बनाम ग्वालियर: ‘महाराज’ पर उठे सवाल, विकास और वादों को लेकर सियासत तेज
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर Jyotiraditya Scindia को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस से भाजपा में आए केंद्रीय मंत्री सिंधिया पर अब उनके पुराने गढ़ माने जाने वाले गुना, शिवपुरी और अशोकनगर क्षेत्रों की अनदेखी के आरोप लगाए जा रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या विकास का फोकस अब सिर्फ Gwalior तक सीमित रह गया है।
आलोचकों का कहना है कि ग्वालियर को बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाएं और हजारों करोड़ की सौगातें मिल रही हैं, जबकि गुना, शिवपुरी और अशोकनगर जैसे क्षेत्रों को अपेक्षित ध्यान नहीं मिल रहा। इसके साथ ही महंगाई जैसे मुद्दों पर भी सिंधिया के रुख को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जहां उनके पुराने और वर्तमान बयानों में फर्क बताया जा रहा है।
राजनीतिक बयान में यह भी याद दिलाया गया कि स्वर्गीय Madhavrao Scindia के निधन के बाद इन क्षेत्रों की जनता ने ही ज्योतिरादित्य सिंधिया को मजबूती दी और उन्हें ‘महाराज’ के रूप में स्थापित किया। ऐसे में अब जनता के बीच यह चर्चा है कि क्या पारिवारिक और राजनीतिक रिश्ते केवल चुनावी समय तक ही सीमित रह गए हैं।
हालांकि इस पूरे मामले पर भाजपा या सिंधिया की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मुद्दा क्षेत्रीय राजनीति में गर्माता जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि विकास और जनसरोकारों को लेकर उठे इन सवालों का जवाब किस तरह दिया जाता है।
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