अशोकनगर में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार; दो करोड़ से अधिक का माल जब्त

Wednesday, February 11, 2026 - 21:20
Updated: 8 months ago
0
अशोकनगर में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार; दो करोड़ से अधिक का माल जब्त

अशोकनगर (आरएनआई) गेहूं और आटे के कारोबार में घाटा होने के बाद एक व्यापारी द्वारा अवैध रूप से एमडी ड्रग (मेफेड्रोन) बनाने की फैक्ट्री संचालित किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इंदौर नारकोटिक्स विभाग की 15 सदस्यीय टीम ने सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे चंदेरी क्षेत्र के कडराना गांव में दबिश देकर दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रियांशु जैन उर्फ शानू मोदी (31), निवासी हाट का पुरा, चंदेरी और राघवेंद्र परमार (38), निवासी कडराना के रूप में हुई है। टीम के अनुसार, जिस समय छापा मारा गया, दोनों आरोपी राघवेंद्र के घर में बनाई गई अस्थायी लैब में केमिकल से ड्रग तैयार कर रहे थे। मौके से एक किलो से अधिक एमडी, ड्रग निर्माण में प्रयुक्त उपकरण, एक कार और एक अवैध पिस्टल बरामद की गई है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग दो करोड़ रुपए आंकी गई है।

नारकोटिक्स विभाग को इंदौर में पकड़े गए एक नशेड़ी से सूचना मिली थी कि ड्रग की सप्लाई चंदेरी क्षेत्र से हो रही है। इसी इनपुट के आधार पर कार्रवाई की गई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि तैयार माल इंदौर, भोपाल सहित मध्य प्रदेश के बड़े शहरों और अन्य राज्यों में भेजा जाता था। कुछ ग्राहक सीधे गांव पहुंचकर भी ड्रग लेते थे। टीम अब मोबाइल कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

पूछताछ में प्रियांशु ने बताया कि वह पहले गेहूं और आटे का बड़ा व्यापार करता था, जो कई राज्यों में फैला था। कथित रूप से दो बड़ी पार्टियों द्वारा भुगतान न किए जाने से उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ। आर्थिक तंगी से उबरने के लिए उसने करीब डेढ़ महीने पहले ड्रग निर्माण शुरू किया। उसने यह भी स्वीकार किया कि ड्रग बनाने का तरीका उसने इंटरनेट के माध्यम से सीखा और कच्चा माल इंदौर से मंगवाया जाता था।

पुलिस द्वारा जब्त की गई कार पर एक राजनीतिक दल का चुनाव चिन्ह और पदनाम लिखा हुआ मिला है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक तिवारी ने स्पष्ट किया कि प्रियांशु जैन नाम का कोई व्यक्ति पार्टी से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि कई लोग जांच से बचने या प्रभाव दिखाने के लिए वाहनों पर फर्जी रूप से राजनीतिक नाम लिखवा लेते हैं।

नारकोटिक्स विभाग ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ड्रग सप्लाई नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान कर जल्द ही और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User