हरदोई में प्रेम की अनोखी कहानी, तोते की मौत से क्षुब्ध युवक ने निगल लिया जहर
हरदोई (आरएनआई) हरदोई की फिजाओं में इन दिनों एक ऐसी दर्दभरी कहानी तैर रही है, जिसने लोगों की आंखें नम कर दी हैं। यह कहानी किसी इंसानी रिश्ते के टूटने की नहीं, बल्कि एक युवक और उसके बेजुबान साथी के बीच बने उस अनकहे प्रेम की है, जिसे शब्दों में बांध पाना आसान नहीं। सुरसा थाना क्षेत्र के ग्राम सौतेरा में रहने वाला 23 वर्षीय रजनीश यादव अपने पालतू तोते “मिट्ठू” की मौत का ऐसा सदमा सह नहीं पाया कि उसने खुद भी मौत को गले लगाने की कोशिश कर डाली।
करीब चार महीने पहले रजनीश नैमिषारण्य के हत्याहरण तीर्थ से महज डेढ़ सौ रुपये में एक छोटा सा तोता खरीदकर घर लाया था। घर पहुंचते ही वह नन्हा परिंदा पूरे परिवार का दुलारा बन गया। किसी ने प्यार से उसका नाम “मिट्ठू” रख दिया। धीरे-धीरे मिट्ठू और रजनीश का रिश्ता इतना गहरा हो गया कि दोनों एक-दूसरे के बिना अधूरे लगने लगे। गांव वालों के मुताबिक रजनीश सुबह उठते ही सबसे पहले मिट्ठू को दाना-पानी देता, उससे बातें करता और घंटों उसे अपने कंधे पर बैठाए घूमता रहता था।
लेकिन रविवार का दिन इस अनोखे रिश्ते पर कहर बनकर टूटा। रजनीश किसी रिश्तेदारी में गया हुआ था। पीछे घर में मिट्ठू की अचानक मौत हो गई। जब वह वापस लौटा और उसे अपने चहेते साथी के मरने की खबर मिली, तो मानो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह बदहवास होकर रोने लगा। उसकी चीखें सुनकर घर और पड़ोस के लोग भी भावुक हो उठे।
बताया जाता है कि मिट्ठू की मौत का गहरा सदमा रजनीश सह नहीं पाया। अवसाद और टूटन में उसने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। कुछ ही देर में उसकी हालत बिगड़ने लगी और मुंह से झाग निकलने लगा। घर में कोहराम मच गया। परिजन उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर उसकी जिंदगी बचाने में जुट गए।
अस्पताल के बेड पर जब उसे थोड़ा होश आया तो उसकी आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली। सिसकते हुए उसने कहा, “मेरे मिट्ठू का ठीक से ध्यान नहीं रखा गया… उसे समय पर पानी तक नहीं दिया… वह तड़पकर मर गया…” इतना कहते ही वह फिर रोने लगा। उसकी यह हालत देखकर अस्पताल में मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।
डॉक्टर रूपेंद्र सिंह के अनुसार युवक ने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया है। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
आज के दौर में, जहां रिश्तों में संवेदनाएं कम होती जा रही हैं और लोग अपनों से दूर होते जा रहे हैं, वहीं हरदोई की यह घटना इंसान और बेजुबान के बीच प्रेम की ऐसी मिसाल बनकर सामने आई है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। मिट्ठू अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी खामोशी ने रजनीश की जिंदगी को गहरे दर्द से भर दिया है।
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