प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने वाले RAF जवान की पहचान, CRPF जांच अंतिम चरण में
दिल्ली में 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल के मामले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, कनॉट प्लेस क्षेत्र में पैलेट गन चलाने वाले रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान की पहचान कर ली गई है और जांच रिपोर्ट अगले सप्ताह तक सामने आ सकती है।
बताया जा रहा है कि संबंधित जवान ने कुल सात राउंड पैलेट गन चलाई थी, जिनमें से पांच प्रदर्शनकारियों को लगीं, जबकि दो राउंड किसी को नहीं लगे। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि किन परिस्थितियों में पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और क्या बल प्रयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप था।
इस बीच, 22 जुलाई को RAF कमांडरों के साथ हुई समीक्षा बैठक में आईजी सीमा धुंडिया ने प्रोजेक्टाइल अटैक गन (PAG), एंटी रॉयट गन (ARG), इलेक्ट्रिक शॉक हथियार और इलेक्ट्रिक शील्ड जैसे कुछ उपकरणों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कुछ हथियारों के उपयोग को आवश्यकता से अधिक बताया।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने भी प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताते हुए ऐसे हथियारों के उपयोग को समाप्त करने की अपील की है।
मामले को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं, जिनमें यह शामिल है कि पैलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति किस स्तर पर दी गई, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को निर्देश किसने दिए और क्या भीड़ नियंत्रण के दौरान निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया गया। इन मुद्दों पर संसद में चर्चा और भीड़ नियंत्रण संबंधी दिशा-निर्देशों की समीक्षा की मांग भी उठ रही है।
इससे पहले CRPF के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने कहा था कि आंदोलन समाप्त होने के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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